फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pithoragarh News: उम्र घटाकर खेलों में पदक पाने का तो नहीं चल रहा ''खेल'' !

Thu, 24 Aug 2023 10:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
पिथौरागढ़। प्रमाणपत्र में उम्र घटाकर खेल प्रतियोगिता में पदक प्राप्त करने का खेल तो नहीं चल रहा है। नगर के एक इंटर काॅलेज में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले 13 साल के छात्र की उम्र घटाने के मामले से इसकी आशंका और अधिक बढ़ गई है।
विज्ञापन

नगर के एक इंटर काॅलेज में नेपाली मूल के 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र की उम्र प्रमाणपत्र में 13 साल है। वह एक अच्छा ताइक्वांडो खिलाड़ी है और उसने कई जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर पदक प्राप्त किए हैं। ताइक्वांडो प्रतियोगिता अलग-अलग आयु वर्ग के हिसाब से कराई जाती है। तमाम प्रतियोगिताओं में इस छात्र ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को बुरी तरह पछाड़कर पदक जीते।
इस छात्र की उम्र अधिक होने की आशंका होने पर जब कुछ खेल प्रशिक्षकों ने शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी तो पता चला कि नेपाली मूल के इस छात्र ने वर्ष 2013-14 में एक इंटर काॅलेज में कक्षा दो में प्रवेश लिया था। तब उसके अभिभावकों ने नेपाल के विद्यालय का जो प्रमाण पत्र विद्यालय में प्रस्तुत किया उसमें उसकी जन्मतिथि 02 मार्च 2006 अंकित थी। छात्र की कक्षा पांच तक की शिक्षा इसी विद्यालय से हुई। इसके बाद नौ अक्तूबर 2018 को उसके अभिभावकों ने शपथपत्र, आधार कार्ड देकर उसकी वास्तविक जन्मतिथि 02 मार्च 2010 होने का दावा करते हुए जन्मतिथि में संशोधन का निवेदन किया।
विज्ञापन

शपथ पत्र के आधार पर विद्यालय की ओर से जन्मतिथि में संशोधन कर स्थानांतरण प्रमाण पत्र में 02 मार्च 2010 अंकित कर दिया गया। छात्र के चार वर्ष उम्र घटाकर प्रतियोगिताओं में भागीदारी करने से तमाम सवाल खड़े हो गए हैं।
...............
...तो 11 साल की उम्र में पास कर ली 10वीं की परीक्षा
पिथौरागढ़। चार साल जन्मतिथि घटाकर छात्र ने हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली। जिस समय छात्र ने हाईस्कूल की परीक्षा दी होगी उस समय उसकी उम्र महज 11 साल थी। जन्मतिथि प्रमाणपत्र में कम उम्र दर्ज होने के बावजूद शिक्षा विभाग भी इसे नहीं पकड़ सका। इस मामले में पिथौरागढ़ के मुख्य शिक्षा अधिकारी एके जुकरिया का कहना है कि छात्र की जन्मतिथि को लेकर सूचना मिली है। संबंधित स्कूल से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। वर्तमान तक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। इधर, डीईओ माध्यमिक हवलदार प्रसाद ने बताया कि जन्मतिथि के आधार पर ही बच्चे को प्रवेश दिया जाता है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

यदि किसी प्रतियोगिता में खिलाड़ी की उम्र और अन्य किसी चीज को लेकर संदेह होता है तो आपत्ति के आधार पर मौके पर ही जांच की जाती है। यह छात्र खेल विभाग के माध्यम से प्रतियोगिताओं में नहीं गया है। बोन टेस्ट अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में होता है। वर्तमान में विभिन्न प्रतियोगिता में खेलने वाले खिलाड़ियों की संबंधित खेल की वन टाइम आईडी बना रहे हैं।
विज्ञापन

प्रताप सिंह बिष्ट, जिला क्रीड़ाधिकारी।
...............
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें