आल इंडिया सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी ने कहा कि चालान काटने और जुर्माना वसूलने भर से नगर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार नहीं हो सकता। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दिए गए सुझाव में सोसायटी के पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिस हर महीने चालान और जुर्माने का विवरण इसलिए देती है, ताकि नियमों को तोड़ने वालों में भय बना रहे, लेकिन वास्तव में इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है।
सोसायटी के अध्यक्ष प्रेम सिंह बिष्ट और महामंत्री दयानंद भट्ट की ओर से अधिकारियों को दिए गए पत्र में कहा गया है कि नगर की ट्रैफिक व्यवस्था वन-वे करने के लिए सभी संगठनों की सहमति ली जाए और इस पर अंतिम मुहर लगाई जाए। वर्कशॉप के बाहर मरम्मत के लिए खड़े रहने वाले वाहनों को तत्काल हटाया जाए, मुख्य बाजार और सड़कों के किनारे स्थायी रूप से खड़े रहने वाले वाहनों के मालिकों को चिन्हित किया जाए और उन वाहनों को सीज करने की कार्रवाई की जाए, नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्ती की जाए, बाइकर्स की चेकिंग के लिए पुलिस की मोबाइल टीम बनाई जाए और जो बाइकर्स बिना किसी अंकुश के घूमते मिलें, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। सोसायटी का मानना है कि यदि इस तरह की व्यवस्था को लागू कर दिया जाए तो लोग इसके आदी हो जाएंगे और नियमों का पालन करने लगेंगे।