पिथौरागढ़। बिछुल गांव में बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए सोमवार को कृषि विभाग और राजस्व विभाग की टीम मौके पर रवाना हो गई है। गांव में करीब 50 नाली खेत मलबा पटने से बर्बाद हो गए हैं। बिछुल-रसैपाटा सड़क से मलबा हटाने के लिए लोनिवि ने जेसीबी लगा दी है। जल्दी ही इस रोड में वाहनों का संचालन होने लगेगा।
एसडीएम अनुराग आर्य ने बताया कि बिछुल और उससे सटे कुछ गांवों में कई घरों में मलबा घुस गया था। नालों के उफान में आने के कारण खेत मलबे से पट गए। उन्होंने बताया कि घरों से पास जमा मलबे को रविवार की शाम को हटा दिया गया था। टूटी हुई पेयजल लाइन को तत्काल ठीक करने के लिए जल संस्थान को निर्देश दिए गए हैं। रास्तों की मरम्मत और नए पुलों के निर्माण के लिए ब्लॉक कार्यालय को कह दिया गया है।
कनालीछीना के ब्लॉक प्रमुख प्रशांत भंडारी ने सोमवार को फिर गांव का दौरा किया। उन्होंने कहा कि खेतों को व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। किसानों को नुकसान का मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मलबा घुसने से कुछ परिवारों के घरों का सामान खराब हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र आकलन किया जाए ताकि शासन से राहत राशि दिलाई जा सके।
इस बीच जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ. आरएस राणा ने बताया कि बिछुल में बादल फटने जैसी कोई घटना नहीं हुई थी। बारिश की रफ्तार तेज थी। निर्माणाधीन सड़कों का मलबा बारिश के साथ आबादी तक पहुंच गया था। उन्होंने कहा कि आबादी की ओर आ रहे पानी को रोकने के लिए इंतजाम किए जाएंगे। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने कहा कि यदि फिर से तेज बारिश हुई तो गांव खतरे में आ सकता है। उन्होंने सोमवार को डीएम एचसी सेमवाल से तत्काल बाढ़ सुरक्षा की मांग की।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-4.2 एमएम
गंगोलीहाट-7.2 एमएम
बेड़ीनाग-22.4 एमएम
डीडीहाट-7.0 एमएम
मुनस्यारी-4.0 एमएम
धारचूला-1.4 एमएम