नैनीसैनी हवाईपट्टी से सटे सैनी गांव में 17 फरवरी की शाम आवारा कुत्तों के काटने से घायल शंकर सिंह के चार वर्षीय बेटे की शुक्रवार को हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में मौत हो गई।
इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है क्योंकि गांव में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और वह लोगों पर हमला करते रहते हैं। विधायक मयूख महर घटना की जानकारी मिलते ही सैनी गांव पहुंचे। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये दिए जाएंगे। यह धनराशि मुख्यमंत्री ने मंजूर कर दी है।
नैनीसैनी इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। झुंड में यह कुत्ते जानवरों और राह चलते लोगों पर भी हमला कर देते हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र बोहरा ने कहा कि आवारा कुत्तों का आतंक खत्म करने की मांग को लेकर डीएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
कुत्तों के हमले में मारे गए कार्तिक के स्कूल में शोक की लहर है।
कार्तिक हिमालय पब्लिक स्कूल में नर्सरी में पढ़ता था। आज विद्यालय में
शोकसभा हुई। कार्तिक बेहद प्रतिभावान था। कुत्तों के हमले में मारे जाने से
परिवार में शोक की लहर है। कई लोग आज कार्तिक के परिजनों से मिलने गए। इस
घटना पर सभी ने दुख जताया।
कुत्तों के काटने की रोज तीन चार घटनाएं
जिला अस्पताल में रोज तीन या चार केस आते हैं जिनको आवारा कुत्तों ने काटा होता है। कुत्तों के काटने पर अनिवार्य रूप से रैबीज का टीका लगाना पड़ता है। नगर के हर हिस्से में आवारा कुत्तों की फौज दौड़ती दिख जाती है। हर मोहल्ले में लोग आवारा कुत्तों से परेशान हैं। सीएमएस डा. हरीश लाल ने बताया कि अस्पताल में रैबीज के इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
पालिका के पास कोई समाधान नहीं
एनिमल क्रुएलिटी एक्ट के कारण नगरपालिका के हाथ बंधे हैं। कुत्तों के बधियाकरण की योजना तो बनाई गई थी लेकिन पशु चिकित्सकों के साथ तालमेल न हो पाने के कारण इस पर अमल नहीं हो पाया है। पालिका के अधिशासी अधिकारी खीमानंद जोशी का कहना है कि कुत्तों से निजात पाने के लिए फिलहाल बधियाकरण का ही रास्ता बचता है।