भारत की ओर से चीनी निर्यात पर रोक के बाद नेपाल में इसकी कीमत उछाल मार रही है। अंदाजा लगाया जा सकता है पिथौरागढ़ जिले की सीमा से लगे नेपाल के बैतड़ी बाजार में चीनी 100 रुपये किलो बिक रही है इससे वहां के नागरिक परेशान हैं।
नेपाल के बैतड़ी जिले की नजदीकी मंडी भारत स्थित झूलाघाट है। बैतड़ी जिले के अधिकतर लोग झूलाघाट बाजार से रोजमर्रा का सामान खरीदते हैं। बैतड़ी के नानीगाड़ निवासी एवं विद्यालय के प्रवक्ता सुरेश चंद ने बताया कि भारत की ओर से चीनी का निर्यात पूर्ण तरीके से बंद करने के बाद नेपाल में इसकी कीमत में खासा उछाल आया है।
चीनी की उपलब्धता तो है लेकिन भारतीय बाजार की तुलना में दो गुना कीमत में मिल रही है। बैतड़ी में एक किलोग्राम चीनी की कीमत 100 रुपये भारतीय यानि 160 रुपये नेपाली पहुंच गई है। बैतड़ी बाजार के होटल कारोबारी जनक चंद ने बताया कि चीनी की कीमत के आसमान छूने के बाद चाय की प्याली 30 रुपये करने के बाद यह घाटे का सौदा साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि चीनी के निर्यात पर रोक नहीं हटी तो हालात गंभीर हो जाएंगे। संवाद
चीनी के निर्यात पर रोक लगाने से नेपाल के ग्राहकों से झूलाघाट आना छोड़ा
नेपाल के लिए चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारतीय बाजारों में भी इसका असर पड़ रहा है। झूलाघाट नगर उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष सुमित नरियाल एवं महामंत्री प्रमोद कुमार भट्ट ने कहा कि चीनी निर्यात पर प्रतिबंध लगने से कई नेपाल के ग्राहकों ने भारतीय बाजारों में आना छोड़ दिया है चीनी के बहाने नेपाली नागरिक रोजमर्रा के अन्य सामान भी ले जाते थे। उनकी आवाजाही कम होने से बाजार पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। व्यापार संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि नेपाल के ग्राहक चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध हटाने का इंतजार कर रहे हैं ताकि वह भारतीय बाजार से सस्ती चीनी सहित अन्य सामग्री की खरीदारी के लिए जा सकें।
नेपाल के नागरिकों ने भी कहा भारत को देनी चाहिए सहूलियत
बैतड़ी की दशरथ चंद, पाटन, पुरचुंणी और मैलोली नगरपालिका के हजारों लोग भारतीय बाजार यानि झूलाघाट पर निर्भर रहते हैं। चीनी के नेपाल नहीं जा पाने के कारण इन नगरपालिकाओं के लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि भारत का नेपाल से रोटी बेटी का संबंध है। इसलिए भारत सरकार को नेपाल के लिए चीनी के निर्यात पर लगाई गई रोक को हटा देना चाहिए।
भारत सरकार ने नेपाल के लिए चीनी के निर्यात पर 30 सितंबर तक पूर्णतया प्रतिबंध लगाया गया था। अभी तक कोई नया आदेश नहीं आया है। जो आदेश मिलेगा उसके तहत काम किया जाएगा। - संजीव श्रीवास्तव, सीमा शुल्क अधीक्षक, झूलाघाट, पिथौरागढ़