Indian Air Force jet fighter again flies over the border
पिथौरागढ़। लद्दाख में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की कोशिश और सीमा पार चल रहीं गतिविधियों को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हैं। भारतीय वायु सेना के जेट फाइटर ने दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए शुक्रवार को भी लिपुलेख-मिलम सीमा पर उड़ान भरी।
सीमा पार चीनी सैनिकों का जमावड़ा बढ़ने और वहां पर तमाम तरह की सैन्य गतिविधियों की जानकारी के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं। सुरक्षा एजेंसियों के जवान मिलम से लिपुलेख तक चौबीस घंटे गश्त कर रहे हैं। चीन की किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए कालापानी से लेकर लिपुलेख तक पर्याप्त संख्या में सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भी समय-समय पर सीमा पर स्थित बॉर्डर आउट पोस्टों और चौकियों का निरीक्षण कर रहे हैं। लिपुलेख सीमा पर चीन की ओर से अभी तक किसी तरह की कोई भी हरकत नहीं की गई है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के जवान जमीनी गश्त तो कर ही रहे हैं, वायु सेना के जेट फाइटर भी दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीमा पर उड़ान भर रहे हैं।
सैन्य साजो सामान के साथ संचार उपकरणों से भी लैस
डीडीहाट। इस समय चीन के साथ-साथ नेपाल भी बौखलाया हुआ है। भारत के कैलाश मानसरोवर मार्ग में लिपुलेख तक सड़क पहुंचाने के बाद नेपाल ने न केवल भारतीय क्षेत्र कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को अपना बताया है बल्कि भारतीय सीमा पर नई बीओपी खोलकर सेना के जवान तैनात कर दिए। इसको देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां नेपाल सीमा पर भी सतर्कता बरत रही हैं। सूत्रों के अनुसार धारचूला से कालापानी तक गश्त करने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को सैन्य साजो सामान के साथ ही संचार उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि किसी तरह की गतिविधि की जानकारी समय पर मिल सके। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से सीमा पर होने वाली हर तरह की गतिविधि की जानकारी केंद्र को दी जा रही है। संवाद