व्यापार की अवधि बढ़ने से खुश तकलाकोट मंडी गए भारतीय व्यापारी
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भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार को लेकर चला आ रहा संशय समाप्त हो गया है। प्रभारी जिलाधिकारी आशीष चौहान ने स्थानीय परिस्थिति और व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यापार की अवधि 31 अक्तूबर तक बढ़ाने संबंधी आदेश जारी कर दिया है। पहले प्रशासन ने व्यापारियों से कहा था कि वह 15 अक्तूबर को हर हाल में तिब्बत की मंडी तकलाकोट से लौट आएं। इसका व्यापक विरोध भी हुआ था और 12 अक्तूबर को धारचूला दौरे पर आए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू के सामने भी यह मुद्दा उठाया गया था। अमर उजाला ने गृह राज्यमंत्री से हुई बातचीत के आधार पर 13 अक्तूबर के अंक में व्यापार की अवधि बढ़ने के आसार संबंधी खबर छापी थी। अब व्यापारी 31 अक्तूबर तक तिब्बत की मंडी में रहकर व्यवसाय कर सकेंगे।
जिलाधिकारी ने आदेश में कहा कि यदि 31 अक्तूबर से पहले मौसम की स्थिति में कोई बदलाव आता है तो व्यापारियों को जल्दी भी बुलाया जा सकता है, लेकिन मौसम सामान्य रहने पर व्यापारी 31 अक्तूबर तक तकलाकोट में रह सकते हैं। उधर, गुंजी से ट्रेड सहायक पीएस कुटियाल ने बताया कि डीएम की ओर से जारी आदेश उनको मिल गया है। तकलाकोट गए व्यापारियों तक यह संदेश पहुंचा दिया गया है। उन्होंने कहा कि तकलाकोट गए व्यापारियों को हर हाल में 31 अक्तूबर की शाम तक लिपुलेख दर्रा पार कर भारतीय सीमा में प्रवेश करना होगा। 31 अक्तूबर के बाद कोई भी व्यापारी तिब्बती क्षेत्र में नहीं रह पाएगा।
उधर, तकलाकोट मंडी से व्यापारी जीवन रौंकली, दिनेश गुंज्याल, चकर सिंह गर्ब्याल, दौलत सिंह रायपा ने प्रशासन के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि तकलाकोट मंडी में इस समय सीमांत के 54 व्यापारी मौजूद हैं। सभी के पास पर्याप्त मात्रा में सामान भी है। अब अगले 15 दिन में अधिकतर सामान बिक जाएगा, ऐसी उम्मीद है। इस महीने उत्तरी तिब्बत के लोग तकलाकोट मंडी खरीदारी के लिए आते हैं। बता दें कि प्रशासन ने पांच अक्तूबर को यह आदेश जारी किया था कि तिब्बत व्यापार की अवधि 31 अक्तूबर के बजाए 15 अक्तूबर कर दी गई है। व्यापारियों को 15 अक्तूबर तक भारतीय क्षेत्र में आने को कहा गया था।