पिथौरागढ़। आखिरकार छह साल के लंबे इंतजार के बार इस बार फिर से लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन व्यापार शुरू होगा। व्यापारियों को लिपुलेख तक जाने के लिए इनर लाइन परमिट जारी होंगे। इससे आगे तकलाकोट मंडी पहुंचने के लिए व्यापारियों को ट्रेड पास बनाना होगा।
भारत-चीन व्यापार को लेकर कलक्ट्रेट सभागार में डीएम आशीष भटगाईं की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में अधिकारी और व्यापारी शामिल रहे। डीएम ने कहा कि विदेश मंत्रालय से लिपुलेख दर्रे से व्यापार शुरू करने की हरी झंडी पहले ही मिल चुकी है। जून के पहले सप्ताह से सितंबर तक व्यापार चलेगा। व्यापार की व्यवस्था पूर्व की तरह होगी। व्यापारियों को लिपुलेख तक पहुंचने के लिए इनर लाइन परमिट जारी किए जाएंगे। तकलाकोट मंडी पहुंचने के लिए व्यापारियों को ट्रेड पास जारी होंगे। जिन व्यापारियों का जीएसटी में पंजीकरण होगा वहीं व्यापार के लिए अधिकृत होंगे।
व्यापारियों ने कहा कि मालपा के पास भूधंसाव हो रहा है। व्यापार शुरू होने से पहले इस समस्या को दूर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ओल्ड लिपुपास तक वाहनों से सामान पहुंचाने की अनुमति मिलने से राहत मिलेगी। इस दौरान व्यापारियों ने तकलाकोट से पहुंची बकरियों को क्वारंटाइन करने के लिए केंद्र स्थापित कर मवेशियों के लिए नाभीढांग से आगे पड़ाव बनाने की मांग की।
डीएम ने व्यापारियों को इन समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने सभी जिम्मेदार अधिकारियों को व्यापार शुरू होने से पहले संचार, सड़क सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में एसपी अक्षय कोंडे, एडीएम योगेंद्र सिंह, एसडीएम जितेंद्र वर्मा, भारत-चीन व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह रौंकली, महासचिव दौलत सिंह रायपा, रतन सिंह रायपा आदि शामिल रहे।
व्यापार की तैयारी शुरू, कस्टम कार्यालय का अता-पता नहीं
भारत-चीन व्यापार को लेकर व्यापारियों में उत्साह है। व्यापारियों ने कहा कि व्यापार में कस्टम विभाग की लापरवाही सामने आती है। पूर्व में ऐसा हो चुका है कि गुंजी में कस्टम विभाग का समय पर कार्यालय स्थापित न होने से व्यापार दो सप्ताह से अधिक देरी से शुरू हुआ। डीएम ने जब कस्टम विभाग के अधिकारियों से इस बारे में बात की तो सामने आया कि अब तक गुंजी में कस्टम कार्यालय खोलने की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। विभागीय अधिकारियों का कहना था कि इस मामले में लखनऊ निदेशालय को पत्र तो भेजा गया है लेकिन वहां से इसका अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
भारत-चीन व्यापार अवधि 30 नवंबर तक बढ़ाने की मांग
भारत-चीन व्यापार समिति ने जिलाधिकारी से व्यापार की अवधि 30 नवंबर तक बढ़ाने की मांग की। व्यापारियों ने कहा कि चीन प्रशासन की ओर से 2019 तक स्थापित व्यापार मंडी तकलाकोट को वर्ष 2024 में अन्यत्र बनाया गया है। नई मंडी में भारतीय व्यापारियों के लिए पूर्व की भांति पर्याप्त और रियायती दरों पर दुकानें उपलब्ध कराने की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कोरोना काल का पुरानी तकलाकोट मंडी का किराया माफ करवाने का भी अनुरोध किया। वहीं उन्होंने व्यापार मार्ग पर सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों को अच्छा व्यवहार करने के लिए निर्देशित किए जाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में।