धारचूला (पिथौरागढ़)। भारत-चीन व्यापार समिति के सदस्यों की एसडीएम आशीष जोशी के साथ बैठक हुई। इस दौरान व्यापारियों ने दोनों देशों के मध्य संभावित व्यापार की अवधि 31 अक्तूबर से बढ़ाकर 30 नवंबर तक करने की मांग उठाई।
वर्ष 2019 में कोरोना काल के बाद से लिपुलेख दर्रे से व्यापार बंद है। अब व्यापार फिर से शुरू होने की संभावना से व्यापारियों में खुशी है। समिति के महासचिव दौलत सिंह रायपा ने आयात पर लगे आईजीएसटी को खत्म करने का अनुरोध किया। व्यापारियों ने कस्टम और आव्रजन अधिकारियों की शीघ्र नियुक्ति, तकलाकोट में भारतीय व्यापारियों के लिए पर्याप्त दुकान व गोदाम, लिपुलेख तक वाहन अनुमति और पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के पास बनाने की भी मांग की।
रायपा ने बताया कि पहले चीनी अधिकारियों ने मिश्री लाने पर प्रतिबंध लगाया था, जिससे व्यापारियों का सामान खराब हुआ। बाद में पूर्व की भांति मिश्री लाने की अनुमति मिली। उन्होंने कहा कि व्यापारी समझौते के अनुसार ही सामान लेकर जाएंगे लेकिन वहां हलचल न हो इसका ध्यान रखा जाना चाहिए। यहां अध्यक्ष जीवन सिंह रोंकली, कोषाध्यक्ष चक्कर सिंह गर्ब्याल, विशन सिंह गर्ब्याल, महेश ह्यांकी आदि व्यापारी मौजूद थे।