पिथौरागढ़/धारचूला। कोरोना काल के बाद से बंद भारत-चीन व्यापार को शुरू करने की दिशा में एक कदम और बढ़ा है। सोमवार को 26 ट्रेड पास जारी कर दिए गए। इनमें 17 व्यापारी और नौ सहायक शामिल हैं। गुंजी में मंगलवार से कस्टम कार्यालय भी खुल जाएगा। इसके साथ ही व्यापारी लिपुलेख दर्रे से चीन की मंडी तकलाकोट के लिए सफर शुरू कर सकेंगे।
धारचूला के उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि सोमवार को 26 ट्रेड पास जारी किए गए। उन्होंने बताया कि गुंजी में कस्टम कर्मचारी की तैनाती हो गई है। कस्टम कार्यालय आज से खुल जाएगा। व्यापार को लेकर सोमवार को प्रशासन, सेना, आईटीबीपी और व्यापारियों के बीच बैठक हुई। व्यापारी लिपुलेख तक वाहनों से जाएंगे। घोड़े-खच्चरों के लिए नाभीढांग से कुछ पहले पड़ाव बनाया जाएगा। व्यापार के लिए कुल 103 व्यापारियों ने आवेदन किया है। अगले दो-तीन दिन में फिर से 25-30 व्यापारियों को पास देने की प्रक्रिया की जाएगी।
दोनों देशों के बीच छह साल बाद हो रहे व्यापार को लेकर सीमांत के व्यापारियों में काफी उत्साह है। उन्होंने पहले से ही अपना सामान व्यास घाटी के विभिन्न गांवों में पहुंचा दिया है। व्यापारी अगले तीन-चार दिन में धारचूला से गुंजी को रवाना शुरू होंगे। भारत-चीन व्यापार समिति के महासचिव दौलत सिंह रायपा ने दोनों देशों के बीच व्यापार शुरू होने पर खुशी जताई है।
नेपाल के व्यापारी तकलाकोट को रवाना
सूत्रों के अनुसार नेपाल के छांगरू और तिंकर के व्यापारी वहां के लिपुलेख दर्रे से तकलाकोट को रवाना हो चुके हैं। व्यापारी आज तकलाकोट मंडी में प्रवेश कर जाएंगे।