पिथौरागढ़। पायलट प्रोजेक्ट ऑफ वाइब्रेंट विलेज के लिए चयनित धारचूला के गुंजी गांव में अवस्थापना सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना तैयार करने के लिए डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम ने गुंजी और उसके आसपास के क्षेत्रों में पहुंचाए जाने वाले विद्युत ग्रिड को लेकर छह माह पूर्व किए गए सर्वे की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। इससे पता चल सकेगा कि ग्रिड नहीं पहुंचने का कारण क्या है।
शुक्रवार को हुई बैठक में डीएम ने उरेडा को गुंजी और उसके आसपास गांवों में सौर ऊर्जा सप्लाई, ग्रिड लगने के स्थान के बारे में जानकारी ली। कहा कि 20 वर्षों में पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही और क्षेत्र की जनसंख्या की बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में संचालित सोलर प्रोजेक्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाएं।
डीएम ने गुंजी में पेयजल कार्यों के प्रस्ताव का विस्तार करने, पर्यटन विभाग के अधिकारियों को गुंजी में होमस्टे बढ़ाने, स्थानीय मेलों को पर्यटन की दृष्टि से वृहद रूप देने के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। सीडीओ को पर्यटक गाइड, होमस्टे, टैक्सी चलाने वाले लोगों की कार्य क्षमता विकसित करने के लिए प्रशिक्षण देने और उनका पंजीकरण करने को कहा।
क्षेत्र में कृषि, औद्यानिकी, जड़ी-बूटी विकास संबंधी कार्य योजना को प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में सीडीओ वरुण चौधरी, पीडी डीआरडीए आशीष पुनेठा, सीएमओ एचएस ह्यांकी, एसएसबी से कमांडेंट महेंद्र प्रताप, आईटीबीपी के उप सेनानी तपस नियोगी, उप प्रभागीय वनाधिकारी ज्वाला प्रसाद, मुख्य कृषि अधिकारी रितु टम्टा, ईई विद्युत धारचूला वीके बिष्ट अिदि मौजूद रहे।