गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। 40 करोड़ की लागत की बासुकीनाग लिफ्ट पेयजल योजना बनाने के बाद भी पर्यटक स्थल बासुकीनाग मंदिर और क्षेत्र के लोग पानी के लिए परेशान हैं। यहां के लोग लंबे समय से बासुकीनाग को पेयजल योजना से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी मंदिर और पर्यटक स्थल को पेयजल योजना से नहीं जोड़ा जा रहा है।
गणाई गंगोली से 20 किमी दूर देवराड़ी पंत में तीन किमी खड़ी चढ़ाई पार कर श्रद्धालु और पर्यटक बासुकीनाग पहुंचते हैं। यहां अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, हल्द्वानी, नैनीताल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। अफसोस कि पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को परेशान होना पड़ता है।
यहां आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु जब दर्शन के लिए आते हैं तो अपने साथ कम से कम पांच लीटर पानी का गैलन लेकर ही सफर करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बासुकीनाग नाम से पेयजल योजना का निर्माण तो कर दिया लेकिन प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटक स्थल बासुकीनाग को पेयजल योजना से नहीं जोड़ा। उन्होंने शीघ्र बासुकीनाग को पेयजल योजना से जोड़ने की मांग की है। संवाद
गलत नीयत से जाने वाले लोगों का कौवे करते हैं पीछा
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। बासुकीनाग मंदिर काफी प्रसिद्ध है। यहां मनोकामना पूर्ति के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। बासुकीनाग मंदिर की खास बात यह है मंदिर परिसर में हमेशा दो कौवे रहते हैं। गलत नीयत से मंदिर में आने जाने वाले लोगों का वह पीछा करते हैं। संवाद
बोले लोग
पर्यटक स्थल बासुकीनाग में पेयजल की समस्या को देखते हुए विधायक बनने के बाद तत्कालीन पेयजल मंत्री प्रकाश पंत से बासुकीनाग लिफ्ट पेयजल योजना स्वीकृत कराई थी। बासुकीनाग पर्यटक स्थल में यह योजना जरूर पहुंचेगी। इस योजना से छूटे हुए गांवों में भी पानी पहुंचाया जाएगा। मैंने इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी बात की है। - मीना गंगोला पूर्व विधायक, प्रदेश मंत्री भाजपा।
बासुकीनाग पंपिंग योजना के नाम से यह योजना बनी है। बासुकीनाग मंदिर सीमा गांव में इस योजना से पानी नहीं मिलना बहुत गलत है। इसके लिए सभी क्षेत्रवासियों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा। - चंद्र बल्लभ पांडेय, सीमा गांव।
बासुकीनाग पर्यटक स्थल और अन्य गांवों को भी इस योजना का फायदा मिलना चाहिए। बासुकीनाग और अन्य गांवों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा तो पूरे क्षेत्र को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा। - महेश डसीला, क्षेत्र पंचायत सदस्य बसीखेत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य।
बासुकीनाग मंदिर को पंपिंग योजना के लाभ से वंचित करना गलत है। पर्यटक जब बासुकीनाग धाम के दर्शन के लिए जाते हैं तो उन्हें खुद देवराड़ी पंत से तीन किलोमीटर खड़ी चढ़ाई में बासुकीनाग पर्यटक स्थल तक पानी ले जाना पड़ता है। - मंटू पंत, देवराड़ी पंत।
बासुकीनाग लिफ्ट पेयजल योजना से पर्यटक स्थल बासुकीनाग तक भी पानी पहुंचाया जाएगा। प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया है। - मोहित कुमार, जेई, जल निगम, गंगोलीहाट।