पिथौरागढ़। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मानव गतिविधियां बढ़ने से हिमालय की सेहत बिगड़ रही है। पर्यटकों ने 16500 फुट की ऊंचाई तक प्लास्टिक का कचरा पहुंचा दिया है। गंदगी और प्लास्टिक फैलने से जैव विविधता को नुकसान पहुंच रहा है। आदि कैलाश विकास समिति ने तीन क्विंटल कूड़े को जमा कर धारचूला पहुंचाया है।
ओम पर्वत, आदि कैलाश, गुंजी और पिथौरागढ़ के पहले गांव कुटी गांव के अलावा दारमा वैली के प्रसिद्ध पंचाचूला बेस कैंप में प्लास्टिक का कचरा फैल रहा है। इससे प्रदूषण फैलने से यहां पाए जाने वाली दुर्लभ वनस्पति और वन्य जीवों को नुकसान पहुंच रहा है। संवाद
नियम का नहीं हो रहा पालन
कुछ समय पूर्व वन विभाग ने एक आदेश जारी किया था जिसमें कहा गया था कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटक वन चौकियों में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अपने साथ ले जा रहे प्लास्टिक और अन्य कचरे की जानकारी देंगे। पर्यटक कुछ पैसा देंगे। यह पैसा विभाग तभी वापस लौटाएगा जब वह अपने साथ ले गए कचरे को वापस लाकर दिखाएंगे। अन्यथा यह पैसा वापस नहीं किया जाएगा। कुछ समय तो इसका पालन किया गया, लेकिन अब इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। संवाद
14500 फुट की ऊंचाई पर चलाया सफाई अभियान
धारचूला (पिथौरागढ़)। आदि कैलाश विकास समिति के पदाधिकारियों ने ज्योलिकांग (14500 फुट) में सफाई अभियान चलाया। इस दौरान तीन क्विंटल कूड़े को जमा कर उसे निस्तारण के लिए धारचूला भिजवाया। इस मौके पर आदि कैलाश विकास समिति के सदस्य पुजारी वीरेंद्र सिंह कुटियाल , उपप्रधान हरीश कुटियाल, नवीन कुटियाल ,कार्तिक कुटियाल,चनू सिंह, निमेश कुटियाल, बासुदेव कुटियाल, अनुराग कुटियाल सहित कई लोग मौजूद रहे। संवाद
कोट
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में गंदगी ना फैले इसके लिए लोगों जागरूक किया जा रहा है। हिमालयी क्षेत्रों में प्लास्टिक का कचरा बड़ी मात्रा में पहुंचना अच्छे संकेत नहीं है। जल्द सख्ती की जाएगी।
-जीवन मोहन दगाड़े, डीएफओ पिथौरागढ़।