संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़। डेढ़ दशक से प्रस्तावित आंवलाघाट-गंगोलीहाट सड़क को वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। सड़क के निर्माण के बाद पिथौरागढ़ से गंगोलीहाट की दूरी 20 किमी कम हो जाएगी। सड़क के बनने के बाद ढाई घंटे में लोग गंगोलीहाट से पिथौरागढ़ पहुंच पाएंगे। सड़क के बनने से भैरंग पट्टी के 30 गांवों के ग्रामीणों को भी फायदा मिलेगा। डेढ़ दशक से प्रस्तावित आंवलाघाट-गंगोलीहाट सड़क को लंबे इंतजार के बाद वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। अब सड़क का जल्द निर्माण हो जाने की उम्मीद है। सड़क के बन जाने से गंगोलीहाट से पिथौरागढ़ की दूरी 20 किमी कम हो जाएगी। पिथौरागढ़ तहसील के बांस से रामगंगा नदी के तट पर स्थित आंवलाघाट तक और गंगोलीहाट से अग्रोन तक सड़क निर्माण की स्वीकृति मिल गई थी, जिसका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अग्रोन से आंवलाघाट सड़क वन अधिनियम के पेच मे फंस गई थी जिस कारण आज तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया। सड़क निर्माण का उद्देश्य गंगोलीहाट की भैरंग पट्टी के 30 गांवो को सड़क सुविधा का लाभ देने और जिला मुख्यालय से गंगोलीहाट तहसील की दूरी को कम करना था। लोनिवि के ईई लोनिवि ईई बीके सिन्हा ने बताया कि सड़क के निर्माण के लिए पेड़ों के छपान का कार्य पूरा हो चुका है। पेड़ों के कटने के बाद सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-----::: 57 किमी रह जाएगी गंगोलीहाट से पिथौरागढ़ की दूरी :::: पिथौरागढ़। सड़क के निर्माण के बाद गंगोलीहाट से पिथौरागढ़ पहुंचने में ढाई से तीन घंटे लगेंगे। सड़क के बनने से अग्रोन से आंवलाघाट 9 किमी तक सड़क निर्माण मे होने वाले वृक्षों, वन भूमि की 102 लाख रुपये क्षतिपूर्ति लोकनिर्माण विभाग ने जमा कर दी है। अभी गंगोलीहाट से पिथौरागढ़ की दूरी 77 किमी है, इस सड़क के बन जाने के बाद यह दूरी 57 किमी हो जाएगी।
---:: सड़क को वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। सड़क के बनने से भैरंग पट्टी के 30 गांवों के लोगों को मिलेगा। ये सड़क पर्यटन की दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है।" -मीना गंगोला, विधायक गंगोलीहाट।