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नर हो या नारी, हल्का हो या भारी, 20 रुपया सवारी

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दीवानी राम (यमराज ) उफनाते ज्योलिगाड़ में लोगों को पीठ से लादकर नदी पार करा रहे हैं। संवाद न्यूज ए? - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। सिलिंग के दीवानी राम 15 वर्ष की उम्र (1985) से हर बरसात में उफनाए ज्योलिगाड़ से लोगों को सुरक्षित पार करा रहे हैं। वह इस काम के लिए किसी व्यक्ति से रुपये नहीं लेते हैं, लेकिन किसी के रुपये देने पर वह मना भी नहीं करते हैं। लोगों को खतरों पर खेलकर उफनाते नाले पार कराने पर उन्हें स्थानीय लोगों ने ‘यमराज’ नाम दिया है।
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दीवानी राम का कहना है कि कुछ दिन पहले एक महिला ने खुद को और सामान को ज्योलिगाड़ पार कराने को कहा। जब उन्होंने महिला और उसके साथियों को पार करा दिया, तब महिला ने उनसे पूछा कितना पैसा हुआ। तो दीवानी राम ने कहा मैं किसी से इस काम के पैसे नहीं लेता। जब महिला जिद करने लगी तो दीवानीराम ने शायराना अंदाज में जवाब देते हुए कहा, ‘नर हो या नारी, हल्का हो या भारी, 20 रुपये सवारी’। महिला ने उनकी शायरी से प्रभावित होकर 100 रुपये दिए और उनकी शायरी को डायरी में नोट कर लिया।
मूल रूप से बंगापानी तहसील के सिलिंग निवासी दीवानी राम 50 वर्ष की उम्र में भी हर बरसात में उफनाते ज्योलिगाड़ से लोगों को पार करा रहे हैं। वह बरसात में क्षेत्र के स्कूली बच्चों को पीठ पर बैठाकर नदी पार कराते हैं। वह बताते हैं कि पहले उनके पिता लोगों को गाड़ पार कराते थे। अब वह इसी काम को आगे बढ़ाकर लोगों की सेवा कर रहे हैं।
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बता दें कि मानसून काल में ज्योलिगाड़ के उफान में होने के कारण वाहन और लोग इस गाड़ को पार नहीं कर पाते हैं। दीवानीराम सुबह 6 बजे से शाम पांच बजे तक वहां पर लोगों को निशुल्क गाड़ पार कराते हैं।
कई लोगों को बचा चुके हैं दीवानी राम
पिथौरागढ़। दीवानी राम अब तक 25 से अधिक लोगों को ज्योलिगाड़ में बहने से बचा चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस काम में मजा आता है। इसलिए वह यह काम करते हैं। दीवानी राम के सेवाभाव को देखते हुए ग्रामीणों ने उन्हें पिछले पंचायत चुनाव में सिलिंग का ग्राम प्रधान भी बनाया था। लोगों ने दीवानी राम के कार्यों की सराहना की है।
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