स्वास्थ्य, सड़क और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं के मिलने से नाराज दारमा घाटी के छह गांवों के लोगों ने करीब 60 किलोमीटर का सफर तय कर धारचूला पर धावा बोला। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से घबराए प्रशासन ने पुलिस फोर्स तैनात की। यहां पहुंचे लोगों ने दो किलोमीटर का पैदल मार्च किया और सुविधाओं को जुटाने के लिए सरकार को 31 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया। लोगों ने कहा इसके बाद बेमियादी धरना दिया जाएगा।
तल्ला दारमा के छह ग्राम पंचायतों सुवा, बोंगलिंग, उमचिया, सोबला, खेत, दर के सैकड़ों महिला और पुरुष बुधवार को करीब 60 किमी दूर तहसील मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने आर्मी तिराहा से दो किमी पैदल चलकर अनवर चौक, गांधी चौक होते हुए तहसील कार्यालय तक जुलूस निकाला। इनके हाथों में सड़क नहीं तो वोट भी नहीं की तख्तियां थीं।
बड़ी संख्या में लोगाें के पहुंचने पर घबराए प्रशासन ने पुलिस को मौके पर बुलाया। प्रभारी थानाध्यक्ष धीरज टम्टा, एसआई ममता रानी जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद यहां पहुंचे तहसीलदार विपिन चंद्र मुनगली को लोगाें ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार ने लोक निर्माण विभाग, संचार और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुला लिया था। बाद में तहसीलदार के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। लोगों ने कहा कि यदि सरकार 31 मार्च तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो उसके बाद बेमियादी धरना दिया जाएगा।
यह हैं इनकी समस्याएं....
1. ग्राम सभा सुवा का मार्ग वर्ष 2015 में सीएम की घोषणा के बाद भी नहीं बना
2. उमचिया से सुमदुंग और तीजम से यावलदांग तक सड़क नहीं बनी है
3. सुवा, खेत, न्यू सोबला, उमचिया, दर, बोगलिंग में मोबाइल, इंटरनेट सेवा और स्वास्थ्य सेवाएं नहीं हैं
ये रहे मौजूद......
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य आन सिंह रौकाया, प्रधान रवि राम, लाल सिंह बिष्ट, मान सिंह दुग्ताल, मंजू देवी, धाना देवी, खुशाल सिंह, लक्ष्मण सिंह, पुष्पा देवी, दीपक सिंह, धर्मेंद्र सिंह, उर्मिला, हंसा, कलावती, पुष्पा, नीरू देवी, कमला, पूजा, पार्वती, जानकी, शकुंतला, दीपा, सुरमा, सरस्वती, हरीश राम, दान सिंह, गजेंद्र सिंह, दौलत सिंह, हरीश सिंह, त्रिलोक, ललित, गोपाल, मनोज सिंह आदि।