पिछले साल लोगों ने बीआरओ की लचर कार्यप्रणाली के खिलाफ आंदोलन किया था। इसके बाद बीआरओ से काम छिना गया। अब बीएसएनएल की बदहाल सेवा को लेकर लोगों सब्र खत्म हो गया। आक्रोशित लोगों ने धारचूला में सांकेतिक चक्काजाम करने के साथ बीएसएनएल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन की रणनीति तय कर लगातार आंदोलन चलाने का फैसला किया है। व्यवस्था सुधार न होने पर आत्मदाह की धमकी भी दी गई है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा के नेतृत्व में मंगलवार सुबह 8 बजे आर्मी तिराहे पर पहुंचे लोगों ने सड़क में बैठकर वाहनों की आवाजाही रोक दी। 9 बजे एसडीएम अरविंद पांडे ने मौके पर पहुंचकर लोगों से वार्ता की। आंदोलनकारियों ने बीएसएनएल पर सीमांत क्षेत्र को संचार सेवा उपलब्ध कराने में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि धारचूला में बीएसएनएल के मोबाइल फोन कतई काम नहीं करते। नए मोबाइल टावरों को चालू करने के साथ ही पहले से लगे मोबाइल टावर की रेंज बढ़ाने की मांग अनसुनी की जा रही है।
इन लोगों ने एसडीएम के माध्यम से बीएसएनएल के महाप्रबंधक और जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में 23 अपैल को बीएसएनएल के धारचूला स्थित कार्यालयों में तालाबंदी करने, 25 अप्रैल को भारत-नेपाल झूलापुल बंद करने की चेतावनी दी है। पत्र में लिखा है कि 25 अप्रैल तक संचार सेवा नहीं सुधरी तो 26 अप्रैल को व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा आत्मदाह जैसा कठोर कदम भी उठा सकते हैं। वहीं, वार्ता के बाद 9.30 बजे जाम खुला। जाम लगाने वालों में ब्लाक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर, नगरपालिका अध्यक्ष दशरथी खैर, भीम सिंह रावत, जगदेव डोगरा, नवीन खर्कवाल, केशर धामी, प्रकाश गुंज्याल, देवकृष्ण फकलियाल, अब्दुल कलाम आदि मौजूद थे।