पिथौरागढ़। बीते दिनों धरने के दौरान कांग्रेस विधायक मयूख महर के बयान के बाद डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल हमलावर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मयूख महर का कहना था कि डीडीहाट विधानसभा में कांग्रेस के शासन काल में कनलीछीना, देवलथल और थल की तहसील का दर्जा दिलाया गया। उस समय कांग्रेस ने परगना पद को समाप्त कर दिया था। इससे जनता को परगना संबंधी कार्य के लिए 30 से 35 किमी की दूरी तय करनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सरकार में लोहा गरम था तो उस समय जनता की मांगें पूरी क्यों नहीं की गईं।
शनिवार को भाजपा कार्यालय में हुई पत्रकार वार्ता में चुफाल ने कहा कि कांग्रेस विधायक ने नारायण नगर महाविद्यालय में पीजी में पांच विषयों की स्वीकृति कराने की बात कही थी। उन्होंने 14 दिसंबर 2012 को नियम-58 के तहत विधानसभा में नारायण नगर में पीजी में इतिहास, समाज शास्त्र विषय खोलने के लिए पैनल की रिपोर्ट शासन को दी थी जिसकी स्वीकृति 24 दिसंबर 2013 को मिल गई थी।
उन्होंने कांग्रेस विधायक पर तंज कसा कि मुवानी महाविद्यालय की स्वीकृति तो आपने दिला दी लेकिन संचालन के लिए कुछ भी नहीं किया। मुवनी में टिन शेड, फर्नीचर, जमीन, भवन और महाविद्यालय के लिए सड़क निर्माण कराकर संचालित किया गया।
भाजपा सरकार ने स्वीकृत किए थे रुपये
पिथौरागढ़। भाजपा विधायक बिशन सिंह चुफाल ने कहा कि वर्ष 2011 में तत्कालीन भाजपा सरकार में डीडीहाट लिफ्ट पेयजल योजना के लिए 23 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। इसमें 388 लाख रुपये अवमुक्त होने के साथ निर्माण कार्य शुरू हो गया था। सरकार बदलने के बाद कांग्रेस सरकार ने बदले की भावना से काम किया। वह विधानसभा की मूलभूत समस्या स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और सड़क की मांग को लेकर वर्ष 2013 में सचिवालय के मुख्य द्वार पर धरने में बैठे थे। उन्होंने कहा कि मयूख महर का पिछले दिनों धरने के दौरान कहना था कि धरने के बाद सरकार नैनीसैनी हवाई पट्टी, स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को पूरा करने जा रही है। चुफाल ने कहा कि आपने (मयूख महर) धरने का प्रपंच रच दिया यदि आपकी सरकार में लोहा गरम था तो वर्ष 2015 में आप ने इन मांगों को क्यों पूरा नहीं किया। संवाद