पिथौरागढ़। गंगोलीहाट और बाराबीसी क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से चंडिका घाट स्थित राम गंगा नदी पर मोटर पुल का इंतजार है। चार किलोमीटर सड़क वन भूमि हस्तांतरण के पेंच में फंसी है। लोगों ने शीघ्र वन भूमि मामले का निस्तारण कर सड़क और पुल बनाए जाने की मांग की है।
गंगोलीहाट क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत सिंह खाती ने बताया कि वर्ष 2006 में चंडिका घाट में 80 मीटर मोटर पुल स्वीकृत हुआ था। पिथौरागढ़ से सुवालेक होते हुए रसैपाटा, तुलानी तक सड़क पहुंच चुकी है। तुलानी से चंडिका घाट तक चार किलोमीटर का क्षेत्र वन अधिनियम से मुक्त नहीं हुआ है। डीएम ने इस मामले में राजस्व, वन और लोक निर्माण विभाग का संयुक्त निरीक्षण कराया है।
उन्होंने कहा कि जब तक सड़क नहीं कटेगी तब तक पुल नहीं बन पाएगा। लोनिवि बेड़ीनाग डिविजन की ओर से 1.77 किलोमीटर सड़क काटी जानी है। सिमखाल के किशन चंद, झूड़ी के पूर्व प्रधान श्याम सिंह, गराली के गोपाल सिंह, नरग्वाड़ी की तारा देवी, बहिलकोट के संदीप सिंह, बिरगोली की गंगा देवी आदि ने बताया कि सड़क और पुल बनने से आवागमन में सुविधा होगी। साथ ही राम गंगा किनारे के गांवों के उत्पादों को बाजार भी मिलेगा। उन्होंने शीघ्र सड़क का कार्य पूरा करने और पुल बनाए जाने की मांग उठाई है।
इन गांवों को मिलेगा फायदा
सुवालेक से होते हुए राम गंगा के चंडिका घाट क्षेत्र में मोटर पुल बनने से बाराबीसी के तुलानी, कुसैल, दतोली, खनपर, मौड़ी, रसैपाटा मुसगल, बाटुला छैनी, मौडतोला, सैलागाड़, रिण-बिछूल और सुवालेक को फायदा मिलेगा। इनके साथ अनतोली, बसौड़, अलगड़ा, नखनोली, नगरोड़ा, बुंगाछीना, परथोली, सिल-चमू, देवलथल, थाल गांव, उसैल, भंडारी गांव, मेलखेत, बमडोली, तायल, चौपाता, लोहाकोट, उड़ई समेत गंगोलीहाट के लोगों को काफी सुविधा होगी।