इवेंट शुरू हुए तो देखने लायक था रोमांच
- फोटो : अमर उजाला
अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता में मंगलवार को इवेंट शुरू हुए तो रोमांच देखने लायक था। पायलटों ने गजब के नियंत्रण के साथ आसमान की ऊंचाईयों को छुआ। 3100 मीटर ऊंचाई को छूने का टास्ट था। कुछ पायलट 3200 मीटर की ऊंचाई को छूने में कामयाब रहे। ग्लाइडरों की लैंडिंग नैनीसैनी हवाई पट्टी., सिरकुच और पत्थरखानी में हुई। कंपटीशन में 18 विदेशी पायलटों समेत सभी 60 पायलटों ने प्रतिभाग किया।
मंगलवार सुबह से ही प्रतिभागियों का टेकऑफ स्थल कनारीपाभें पहुंचने लगे थे। 11.27 बजे में इवेंट शुरू हुआ। पहले पायलट ने उड़ान भरी और पहाडिय़ों में कलाबाजी करते हुए आसमान की ऊंचाईयों में चला गया। इसके बाद पायलटों का उड़ान भरने का सिलसिला प्रारंभ हो गया। 11.56 में एक पायलट ऊंचाई हासिल करने में नाकाम रहा और लैंडिंग स्थल लैंड कर गया। 12.3 बजे तक 13 ग्लाईडर हवा में उड़ान भर चुके थे। 12.8 में दो पायलटों ने लैंड किया। 12.15 में सुजई को खोत में एक ग्लाइडर उतरा अब तो एक के बाद एक ग्लाइडर आसमान की ऊंचाइयों में तैरने लगे। कई बादलों में काफी देर तक ओझल रहे। आसमान की ऊंचाइयों से बात कर रहे ग्लाइडर पायलटों ने गजब के संतुलन का प्रदर्शन किया। एक समय काफी ऊंचाई में 29 ग्लाइडर विभिन्न आकृति बनाते नजर आए।
सुजई और खूनी गांव की ऊपरी पहाड़ी रंग बिरंगे ग्लाइडरों से भर गई। लैडिंग के समय तमाम ग्लाइडर खूनी, नैनी, सैनी और सुजई गांव के बेहद नजदीक से गुजरे। उत्तराखंड पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सचिव शंकर सिंह ने बताया कि 19 फरवरी प्रतियोगिता के फाइनल तक विभिन्न टास्कों को प्रतियोगियों को पूरा करना होगा। केएमवीएन के महाप्रबंधक त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने सारी व्यवस्थाएं चाक चौबंद बताते हुए लोगों से पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता के दीदार को आने की अपील की है। प्रतियोगिता के संचालन में एसोसिएशन के सदस्य राजू देवलाल, पर्यटन, केएमवीएन के अधिकारी सहयोग कर रहे हैं।