गांव बचाओ यात्रा के दौरान शनिवार को गांधी चौक में हुई सभा में पद्मश्री डा. अनिल जोशी ने कहा कि पहाड़ पर खनन के धंधे के पीछे छिपे राजनैतिक चेहरों में पहचानने की जरूरत है। आज पहाड़ के लोग खनन से हो रहे नुकसान की बात तो करते हैं, लेकिन उनको यह मालूम नहीं कि खनन को राजनैतिक शह मिली होती है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की किसी नदी, चट्टान, गांव में यदि खनन का काम हो रहा है तो उसमें राजनैतिक लोगों की लिप्तता जरूर रहती है।
प्रदेश को 24 घंटे बिजली देने की सरकार की घोषणा पर डा. जोशी ने कहा कि जब उत्पादन इतना है ही नहीं तो कैसे 24 घंटे बिजली मिल पाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जितनी भी बिजली परियोजनाएं बनी हैं, उनमें उनकी क्षमता के अनुसार बिजली का उत्पादन नहीं हो रहा है। प्रदेश में पैदा होने वाली बिजली पर आज भी यूपी और केंद्र सरकार का हिस्सा रहता है। डा. जोशी ने कहा कि पहाड़ के लोगों के पास अब बहुत अच्छा मौका आ रहा है। जल्द ही प्रदेश में चुनाव होंगे, उस समय सभी नेताओं से विकास, पलायन, रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा जैसे मुद्दों पर खुलकर सवाल करें। उन्होंने कहा कि यदि इस बार लोग जागरूक होकर नेताओं से सवाल नहीं करेंगे तो उनको फिर से उन हालातों में जीना होगा, जिनमें वह पिछले 16 साल से जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव बचाओ यात्रा के जरिए लोगों को काफी हद तक जागरूक किया जा चुका है। लोग इस स्थिति में आ चुके हैं कि वह नेताओं से जरूर सवाल करेंगे।
सभा से पहले सिल्थाम से लेकर गांधी चौक तक ढोल नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला गया। गांधी चौक में हुई सभा में ईश्वर जोशी, द्वारिका सेमवाल, डा. हिमानी पुरोहित, सतेंद्र, अनीता, शालिनी, प्रमोद, विकास, स्थानीय कार्यकर्ता योगेश पाठक, देवेंद्र पंत आदि ने विचार रखे।
पहाड़ पर गांव बचाओ यात्रा संपन्न
गांव बचाओ यात्रा शनिवार दोपहर 12 बजे पिथौरागढ़ से हल्द्वानी को रवाना हो गई। दो अक्तूबर को देहरादून के विकासनगर से शुरू हुई इस यात्रा के दौरान राज्य के सभी 13 जिलों और प्रमुख शहरों में सभाएं हो चुकी हैं। गांव बचाओ यात्रा के मुख्य कार्यकर्ता ईश्वर जोशी ने बताया कि अब पहाड़ पर यात्रा संपन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि सभी स्थानों पर लोगों का रिस्पांस काफी अच्छा रहा।
हिमालय बचाने के लिए किए जाएं और ज्यादा प्रयास
गांव बचाओ यात्रा के दौरान यहां पहुंचे पद्मश्री डा. अनिल जोशी ने कहा कि हिमालय बचाओ अभियान के लिए और ज्यादा प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने खुद भी हिमालय बचाओ का शपथपत्र भरा। कुमाऊं मंडल विकास निगम के साहसिक पर्यटन प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने 13 जून 2015 से हिमालय बचाओ अभियान के शपथपत्र भराना शुरू किया। अब तक वह कैलाश मानसरोवर और छोटा कैलाश यात्रियों समेत चार हजार लोगों से यह शपथपत्र भरा चुके हैं। शनिवार सुबह डा. जोशी एवं यात्रा में शामिल अन्य लोगों ने भी यह शपथपत्र भरा। डा.जोशी इस प्रयास से काफी प्रभावित हुए। वह कहते हैं कि हिमालय की पवित्रता बनी रहे। ट्रैकिंग, यात्रा, पर्यटन पर जाने वालों के लिए सख्त गाइड लाइन तैयार की जाए, ताकि हिमालय की पवित्र वादियों और ट्रैकिंग रूट में किसी प्रकार की गंदगी न फैले। इस दौरान अनीता कनवाल, शालिनी नेगी, रागिनी, विकास पंत, ईश्वर जोशी, मनमोहन सिंह, प्रमोद चंद, भुवन जोशी, डा. हिमानी पुरोहित आदि ने भी हिमालय बचाओ का शपथपत्र भरा।