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Pithoragarh News: मुनस्यारी के खलिया में पहली बार बनाया बर्फ स्तूप

Mon, 15 Apr 2024 11:20 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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मुनस्यारी के खलिया में बर्फ स्तूप के साथ रेंजर विजय भट्ट। स्रोत: स्वयं
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पिथौरागढ़। मुनस्यारी के 11000 फीट की ऊंचाई पर स्थित खलिया में वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट ने लद्दाख के सोनम वांगचुक की प्रेरणा से बर्फ का स्तूप बनाया है। इस स्तूप से गर्मी के सीजन में अगले दो-ढाई महीने तक क्षेत्र की वनस्पति और पशु-पक्षियों को पानी की कमी नहीं होगी। रेंजर भट्ट के इस कार्य की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।
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रेंजर भट्ट ने बताया कि बर्फ का स्तूप ग्लेशियर ग्राफ्टिंग तकनीक का रूप है। शंकु आकार का यह बर्फ स्तूप सर्दियों में पानी को संग्रहित करने के काम आता है। गर्मियों के दौरान जब पानी कम हो जाता है तो बर्फ स्तूप से पिघली बर्फ पानी की आपूर्ति करती है। खलिया क्षेत्र में सीजन में अच्छी बर्फबारी होती है। कुछ दिन बर्फ टिकने के बाद यह पिघलकर बह जाता है। रेंजर भट्ट ने लद्दाख के सोनम वांगचुक की प्रेरणा से अपनी टीम के साथ खुद बेलचा लेकर बर्फ एकत्र कर नौ फीट लंबा स्तूप बना डाला। उन्होंने बताया कि टीम को स्तूप तैयार करने में छह घंटे से अधिक का समय लगा।
बकौल भट्ट खलिया क्षेत्र में गर्मियों के सीजन में पानी की दिक्कत रहती है। इस स्तूप के बनने से अब स्तूप के निचले इलाके की वनस्पति और वहां रहने वाले पशु-पक्षी, जानवरों को गर्मियों में पानी का संकट नहीं रहेगा। टीम में उनके साथ गोविंद कुमार, कपिल भट्ट, प्रदीप कुमार, हरीश कुमार शामिल रहे। संवाद
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पहली बार 2013 में लद्दाख में बनाया गया बर्फ स्तूप
पिथौरागढ़। मुनस्यारी के वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट ने बताया कि वर्ष 2013 में सोनम वांगचुक ने लद्दाख में पहली बार बर्फ स्तूप का निर्माण किया था। इनका आकार बौद्ध स्तूपों के समान होता है इसीलिए इन्हें बर्फ स्तूप कहा जाता है। इसके लिए उन्हें 2016 में स्विटजर लैंड के रोलेक्स पुरस्कार फॉर एंटरप्राइज से सम्मानित किया गया था। संवाद
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