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लोगों का मानसिक तनाव दूर करने के लिए आईएएचपी ने गठित की टॉस्क फोर्स

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दीप चंद्र पंत, मनोवैज्ञानिक/काउंसलर। - फोटो : PITHORAGARH
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भक्त दर्शन पांडेय
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पिथौरागढ़। लॉक डाउन में घरों में रह रहे लोगों का मानसिक तनाव कम करने के लिए इंडियन एकेडमी ऑफ हेल्थ साइकोलॉजी (आईएएचपी) आगे आई है। इसके लिए आईएएचपी की ओर से चयनित 215 मनोवैज्ञानिकों के टास्क फोर्स में 10 मनोवैज्ञानिक/काउंसलर उत्तराखंड से भी शामिल किए गए हैं। लोग फोन के माध्यम से टास्क फोर्स में शामिल इन मनोवैज्ञानिकों से परामर्श ले रहे हैं।
लॉक डाउन में लंबे समय तक घरों में रहने से लोगों की दिनचर्या बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। लगातार घरों में रहने से लोगों में तनाव तो बढ़ ही रहा है साथ ही आदतें भी बदल रही हैं। इनमें ज्यादातर लोगों को आब्सेसिव कंपल्सिव डिसआर्डर(बार-बार किसी चीज को दोहराना) की समस्या पैदा हो गई है। घरों में तमाम समस्याओं से जूझ रहे लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए इंडियन एकेडमी
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ऑफ हेल्थ साइकोलॉजी ने अपने टास्क फोर्स में सभी राज्यों में लगभग 215 सलाहकार तैनात किए हैं।
इनमें देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के साइकोलॉजी विषय के प्रोफेसर, कंसलटेंट क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट,कंसलटेंट साइकोलॉजिस्ट सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में कार्यरत मनोवैज्ञानिक/काउंसलर शामिल हैं। उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ में 10 सलाहकार चयनित किए गए हैं। पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर जिले के लिए टास्क फोर्स में चयनित काउंसलर/ मनोवैज्ञानिक दीप चंद्र पंत ने बताया कि लंबे समय तक घरों के भीतर रहने से लोगों में तनाव बढ़ जाता है।
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इस समय आब्सेसिव कंपल्सिव डिसआर्डर की अधिक शिकायतें हैं। इसमें घर में बैठे लोग बार-बार उठकर हाथ धोने लगे हैं। लोग फोन पर समस्या बता रहे हैं उन्हें परामर्श दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सुबह आठ बजे से 9012277705 और 9997096038 नंबरों पर लोग अपनी समस्याएं बता सकते हैं।
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