त्यारी के पास बीच रोड में लेटा तेंदुआ
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संभवत: आपसी संघर्ष में घायल हुआ एक तेंदुआ चलने-फिरने में इतना अशक्त हो गया कि वह त्यारा के पास थल-पांखू रोड पर आकर लेट गया। उसके शरीर पर गहरे जख्म बने हैं। सुबह सात बजे जब इस रोड पर लोगों की आवाजाही होने लगी तो सड़क पर सोए तेंदुए को देखकर लोगों के होश फाख्ता हो गए। जब लोगों ने तेंदुए को गौर से देखा तो उसकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।
इसके बाद लोगों का हुजूम जुटने लगा। लोगों के आने के बाद भी तेंदुआ करीब आधे घंटे तक उसी हालत में सड़क पर लेटा रहा, लेकिन उससे पहले वह किस समय आकर वहां पर लेट गया था, यह किसी ने नहीं देखा। लोगों की भीड़ एकत्र होते ही तेंदुआ बड़ी मुश्किल से सड़क छोड़कर गधेरे की ओर निकल गया।
बताया गया कि थल-पांखू रोड पर त्यारा के पास सड़क पर लेटे तेंदुए को सबसे पहले नवीन कोश्यारी, नरेश कुमार, बंशीधर जोशी आदि ने देखा। इन लोगों ने तत्काल इसकी सूचना वन रेंजर एनपी ग्वासीकोटी को दी। रेंजर ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित पकड़ा जाएगा। इसके लिए उन्होंने डीएफओ से भी बात की। जिला मुख्यालय में वन विभाग के पास जो ट्रेंकुलाइजर गन है वह खराब पड़ी है, इसलिए गन को अल्मोड़ा से मंगाया गया है। अल्मोड़ा से शाम साढ़े छह बजे गन पहुंचते ही तेंदुए को बेहोश किया गया और पिंजरे में डालकर बेड़ीनाग ले जाया गया है। वहां पर कुछ दिन तक इसका उपचार किया जाएगा।