धारचूला (पिथौरागढ़)। लघु जल विद्युत निगम ने सोबला की बिजली परियोजना की क्षमता आठ मेगावाट से बढ़ाकर 10 मेगावाट करने का फैसला लिया है। रेलाघाट परियोजना के विद्युत गृह को मजबूत कर हेड का निर्माण फिर से करने की सिफारिश की है। निगम के महाप्रबंधक अजय पटेल ने पिछले दिनों दारमा घाटी के भ्रमण के दौरान तमाम प्रस्तावित परियोजना स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने निगम की प्रस्तावित छिरकिला, सोबला, कंज्योति, रेलाघाट परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कंज्योति में कठोर चट्टान को काटने में ज्यादा मेहनत करने के बजाय सीमेंट, कंकरीट से दीवार बनाने के निर्देश दिए।
कंच्योति, सोबला में काम तेज करने को कहा। सोबला में सुरंग बनाने के निर्देश दिए और दो माह के भीतर रिपोर्ट देने को कहा। निगम के वरिष्ठ सलाहकार सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता डीके अग्रवाल, भू वैज्ञानिक हरीश बहुगुणा, उप महाप्रबंधक जीएस बुदियाल ने स्थलीय निरीक्षण कर परियोजनाओं के नव निर्माण एवं पुनर्निर्माण की रूपरेखा तैयार की। महाप्रबंधक पटेल ने बताया कि कंच्योती, सोबला दोनों परियोजनाओं का सर्वे किया जा रहा है। महाप्रबंधक ने कहा कि उत्तराखंड को पर्यटन एवं विद्युत परियोजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की क्षमता है।
ऐसे में धरातल पर कार्य करके विद्युत परियोजनाओं के माध्यम से आय एवं रोजगार के लाभ उठाए जा सकते हैं। उप महाप्रबंधक जीएस बुदियाल ने बताया कि यह पहला अवसर है कि विभाग के जीएम स्तर के अधिकारी ने परियोजना स्थल में आकर स्थलीय निरीक्षण किया। इससे कर्मचारियों का भी उत्साह बढ़ा है। दौरे में सहायक अभियंता ऋषि पाल, उमेश जोशी, जेई जीएस ऐरी, भूपेंद्र राम आदि थे।