उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सोमवार को तड़के दो बजे बर्फीला तूफान आया। इससे चलते निचले क्षेत्रों में भी सर्द हवाएं चली। इन क्षेत्रों ठंड बढ़ गई है। तूफान से क्षेत्र में किसी प्रकार का नुकसान होने की सूचना नहीं है। साफ मौसम में आए इस तूफान ने मौसम में तब्दीली लाने के साथ ही लोगों की चिंता बढ़ा दी हैं।
पंचाचूली, राजरंभा, हंसलिंग, मिलम, रालम, नन्दा देवी, लास्पा धूरा क्षेत्र में सोमवार तड़के करीब दो बजे से जबरदस्त तूफान आया। हिमालयी चोटियों में तेज आवाज के साथ हवाएं चलीं। मुनस्यारी की नजदीकी हिम चोटियों पंचाचूली, हंसलिंग, रालम से बर्फ के गुबार उड़ते दिखाई दिए। मुनस्यारी, धारचूला के ऊपरी इलाकों के साथ ही निचले इलाके में बर्फीली हवा चल रही है।
उल्लेखनीय है कि उच्च हिमालीय क्षेत्र में वर्ष 2011 और 2016 मेें भी इस तरह तूफान आ चुका है। तब इसकी चपेट में आने से कई गांवों में घरों की छत उड़ गई थी। मकानों को काफी नुकसान पहुंचा था। पिछले तूफानों से हुए नुकसान को देखते हुए लोग एक बार फिर आशंकित हैं। हालांकि सोमवार को तड़के दो बजे आए तूफान से नुकसान की कोई खबर नहीं है।
कोट
अभी तक बर्फीले तूफान से कहीं से नुकसान की सूचना नहीं है। फिर भी ऐहतियातन संबंधित महकमों को अलर्ट कर दिया है। राजस्व उप निरीक्षकों से मौसम पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। प्रशासन इस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वैभव गुप्ता उपजिलाधिकारी मुनस्यारी
अमर उजाला ने पहले ही दे दी थी सूचना
पिथौरागढ़। बर्फीली हवाएं उच्च हिमालयी क्षेत्र में कई दिनों से चल रही थीं। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फीली हवा चलने संबंधी खबर अमर उजाला के सोमवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। बताया जा रहा है कि सोमवार के तड़के बर्फीली हवाओं की तीव्रता अन्य
दिनों से अधिक थी। यही कारण है कि सोमवार को जिला मुख्यालय तक ठंडक महसूस की गई। जिले भर में सर्द हवाओं का असर रहा।