फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हक-हकूक छिनने से बढ़ा मानव-वन्य जीव संघर्ष: पंत

Mon, 05 Feb 2018 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूूूूराे पिथौरागढ़।
विज्ञापन
पिथौरागढ़ वन विभाग के कार्यक्रम में लोगों को उपकरण देते वित्त मंत्री प्रकाश पंत। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
 पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने माना कि वनों के हक-हकूक छिनने के बाद मानव-वन्य जीव संघर्ष में तेजी आई है। स्थानीय लोगों का वन्य संपदा से मोह कम हुआ है। इसका सीधा असर वन प्रबंधन पर पड़ा है। मानव समुदाय को इससे हानि उठानी पड़ रही है। 
विज्ञापन


कैबिनेट मंत्री पंत सोमवार को वन विभाग द्वारा आयोजित वनाग्नि प्रबंधन एवं मानव-वन्य जीव संघर्ष न्यूनीकरण गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने मानव-वन्य जीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई। इसके लिए वन संरक्षण कानून को बड़ी हद तक जिम्मेदार ठहराया। कहा कि कानून लागू होने के बाद स्थानीय बसासत और वन्य संपदा के बीच दूरी बढ़ी है। उन्होंने मानव व वन्य संपदा के बीच भावनात्मक मजबूती और कुशल वन प्रबंधन पर जोर दिया। 

वन पंचायतों की सक्रियता बढ़ाने की जरूरत बताई, इसके लिए  विभाग को ठोस कार्ययोजनाएं तैयार करने को कहा। इस मौके पर तेंदुए के हमले में घायल ग्यारह देवी के अशोक भट्ट, पौण के दीपक वल्दिया के अलावा हमले में पशुहानि उठाने वाले आठ प्रभावितों को मुआवजा बांटा गया। इसके अलावा वन पंचायतों को फायर किट भी दिए। इस दौरान डीएफओ विनय भार्गव, भाजपा नेता राजेंद्र रावत, महेंद्र लुंठी आदि थे।
विज्ञापन


 
सरपंचों ने कामकाज पर उठाए सवाल
गोष्ठी में सरपंचों ने विभाग के कामकाज पर सवाल उठाए। कहा कि पौधरोपण जैसे अभियान महज रस्म अदायगी बन कर रह गए हैं। विभाग पौधे लगाने के बाद संरक्षण पर ध्यान नहीं देता। वनों में आग बुझाने के लिए पर्याप्त स्टाफ और संसाधन नहीं हैं। वन्य जीवों को आबादी में घुसने से रोकने के लिए इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फसलों को नुकसान और पशुहानि के कई मामले दबा दिए जाते हैं। प्रभावित-पीड़ित वन विभाग के चक्कर काटते रह जाते हैं।


बदइंतजामी से बंद हो गई डॉक्यूमेंट्री
गोष्ठी के बाद विभाग ने क्रमिक जैव विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों के लिए डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शन का आयोजन किया था। इसके लिए जीजीआईसी की छात्राओं को बुलाया गया था, लेकिन बदइंतजामी के चलते प्रदर्शन का कार्यक्रम अधूरा ही रह गया। डॉक्यूमेंट्री फिल्म शुरू होते ही बिजली गुल हो गई। इंवर्टर में बैकअप भी नहीं था। इसके चलते बीच में ही फिल्म बंद हो गई। स्कूली बच्चों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें