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बर्फ के मौसम में आपदा प्रभावित टेंटों में कैसे रहेंगे साहिब

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जिला मुख्यालय में मुनस्यारी के आपदा प्रभावित समस्याओं को लेकर डीएम से मिलने पहुंचे लोग। - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। समस्याओं के समाधान के लिए आपदा प्रभावित गांव के लोग सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि बर्फ के मौसम में आपदा प्रभावित टेंटों में कैसे रहेंगे। सरकार से मकान बनाने के लिए इतनी राशि भी नहीं मिली कि मकान की छत तक बन सके। शीतकाल शुरू होने से पहले यदि व्यवस्थाएं नहीं गई तो आपदा प्रभावित ठंड की मार नहीं सह पाएंगे।
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पूर्व विधायक प्रतिनिधि हीरा सिंह चिराल के नेतृत्व में आपदा प्रभावितों ने सोमवार को डीएम को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि धापा, मालूपाती, जोशा, टांगा, लुमती, मोरी, बांसबगड़ आदि क्षेत्रों के आपदा प्रभावित टेंट और सरकारी भवनों में रह रहे हैं। चिराल ने बताया कि धापा के करीब 52 परिवारों में से सात टेंट और शेष अन्य सरकारी भवन में रह रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी से मालूपाती के आठ, जोशा के बीस, टांगा के 66 और मोरी समेत अन्य गांव के सौ से अधिक परिवारों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
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पूर्ण क्षति के मुआवजे से तो छत भी बनना मुश्किल
पिथौरागढ़। लोगों ने कहा कि पूर्ण क्षतिग्रस्त मकान के बदले सरकार का एक लाख एक हजार नौ सौ रुपये का मुआवजा बेहद कम है। इससे तो छत भी नहीं बन पाएगी। उन्होंने कहा कि मुआवजे की राशि बढ़ाई जाए, जिससे कुछ राहत मिल सके। ज्ञापन देने वालों में हरीश सिंह चिराल, त्रिलोक भाकुनी, मुन्ना ढोक्टी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरेंद्र बृजवाल आदि रहे। संवाद
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