पिथौरागढ़। अब होटल, बरात घरों में कारोबारियों के लिए भोजन तैयार करना भी चुनौती होगा। जिले में अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को छोड़कर किसी को भी व्यावसायिक रसोई गैस सिंलिंडर नहीं मिलेगा। पूर्ति विभाग और गैस एजेंसियों ने इस पर रोक लगा दी है। इससे कारोबारी परेशान हैं। आम उपभोक्ताओं को भी सिलिंडर रिफिल करने के लिए 25 दिन तक इंतजार करना पड़ेगा।
सीमांत जिले में एक लाख से अधिक घरेलू रसोई गैस उपभोक्ता हैं। जिले भर में तीन हजार से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। इनमें व्यावसायिक रसोई गैस सिंलिंडर का उपयोग होता है। पूर्ति विभाग के मुताबिक हर रोज जिले में तीन हजार से अधिक घरेलू तो 400 से अधिक व्यावसायिक रसोई गैस सिंलिंडरों की खपत है। पेट्रोलियम कंपनियों के फैसले ने सीमांत के व्यावसायिक और घरेलू सभी उपभोक्ताओं की दिक्कत बढ़ा दी है। अब होटल, बरातघर सहित अन्य छोटे-बड़े कारोबारियों को व्यावसायिक रसोई गैस सिंलिंडर नहीं मिलेगें।
प्रेट्रोलियम कंपनियों के फैसले के बाद पूर्ति विभाग इनके वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी है। वहीं घरेलू उपभोक्ता भी 25 दिन बाद ही सिलिंडर रिफिल करा सकेंगे भले ही इससे पहले उनकी रसोई गैस खत्म ही क्यों न हो जाए। रसोई गैस की किल्लत की संभावना के चलते पेट्रोलियम कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति में भी कटौती की है। इस फैसले से कारोबारियों के साथ ही आम उपभोक्ता परेशान हैं।
सिर्फ अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों जैसे जरूरी संस्थानों को मिलेगी व्यावसायिक रसोई गैस
पूर्ति विभाग के मुताबिक, अब सिर्फ अस्पतालों और शिक्षण संस्थाओं को ही व्यावसायिक रसोई गैस सिलिंडर दिए जाएंगे। ऐसा इसलिए कि बड़े सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए जबकि कई शिक्षण संस्थानों और यहां बने छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए भोजन तैयार होता है। इस फैसले के बाद रसोई गैस की कालाबाजारी बढ़ने की भी आशंका है। इसे रोकने के लिए पूर्ति विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। पूर्ति विभाग के मुताबिक गैस एजेंसियों को हर दिन के वितरण का सटीक ब्योरा पेश करना होगा। हर दिन स्टॉक चेक किया जाएगा।
रसोई गैस नहीं मिली तो कारोबारियों को झेलना होगा नुकसान
अधिकांश होटल, बरात घर और अन्य कारोबारी अपने संस्थानों में भोजन तैयार करने के लिए सिर्फ रसोई गैस पर निर्भर हैं। लकड़ी की उपलब्धता न होने से ऐसे में कारोबारियों के लिए अपने संस्थानों में भोजन तैयार करना मुश्किल होगा। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ेगा। इन दिनों वैवाहिक सीजन चल रहा है और बरात घरों में एडवांस बुकिंग चल रही है। व्यावसायिक रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति रोकने से सभी कारोबारी चिंतित हैं।
बोले लोग
लकड़ी के चूल्हे का उपयोग बंद है। सिर्फ व्यावसायिक रसोई गैस से ही होटल में भोजन तैयार होता है। यदि रसोई गैस नहीं मिली तो दिक्कत बढ़ेगी। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ेगा। - नवीन नगरकोटी, होटल कारोबारी, पिथौरागढ़
व्यावसायिक रसोई गैस की आपूर्ति पर रोक लगने से चिंता बढ़ गई है। यह हर कारोबारी के लिए दिक्कत का विषय है। रसोई गैस नहीं मिली तो ग्राहकों के लिए भोजन कैसे तैयार होगा। - संजय रावत, होटल कारोबारी, पिथौरागढ़
घरेलू रसोई गैस में कटौती से दिक्कत बढ़ेगी। हर 20 दिन में सिलिंडर रिफिल कराना पड़ता है। अब रसोई गैस का इंतजार करते हुए लकड़ी का चूल्हा फूंकना होगा। - चंद्रशेखर जोशी, सिलौली
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रसोई गैस की आपूर्ति में कटौती करने से आम उपभोक्ता की दिक्कत बढ़ेगी। इस तरह की दिक्कत आएगी ऐसा किसी ने सोचा नहीं था। सरकार को इस समस्या का उचित हल निकालना चाहिए। - दीप चंद्र तिवारी, पिथौरागढ़
कोट
पेट्रोलियम कंपनियों के फैसले और सरकार से मिले निर्देश के आधार पर फिलहाल व्यावसायिक रसोई गैस सिलिंडर के वितरण पर रोक लगा दी है। सरकार के निर्देश के तहत की काम किया जाएगा। रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए विभाग तैयार है। - विनय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, पिथौरागढ़
कोट
रसोई गैस जरूरत के मुताबिक उपलब्ध हो रही है। हर रोज गैस वाहन आ रहे हैं। जो दिशा-निर्देश मिलेंगे इसके तहत काम किया जाएगा। फिलहाल घरेलू और व्यावसायिक रसोई गैस की कमी नहीं है। - ऊषा राणा, प्रबंधन, इंडेन गैस एजेंसी, पिथौरागढ़