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बच्चे की मौत पर अस्पताल में हंगामा

Sat, 05 Aug 2017 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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बड़ावे अस्पताल में हुए हंगामे के बाद लोगों से बात करने पहुंची सीएमओ डा. उषा गुंज्याल - फोटो : अमर उजाला
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बड़ावे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को लोगों ने तीन वर्षीय बच्चे की मौत के बाद हंगामा कर दिया। उन्होंने अस्पताल में तालाबंदी कर दी और कर्मचारियों का घेराव किया। लोगों के उग्र तेवरों को देख 30 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय से बड़ावे पहुंचीं मुख्य चिकित्साधिकारी डा. उषा गुंज्याल ने लिखित में यह आश्वासन दिया कि डॉक्टरों एवं चिकित्साकर्मियों की लापरवाही की जांच की जाएगी और तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सामने आ जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि अस्पताल के सभी कर्मचारी 30 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय से आते हैं। रात के समय अस्पताल में कोई नहीं रहता। यह गंभीर लापरवाही है।
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बताया गया कि बड़ावे के पास ओखल गांव निवासी अशोक राम के तीन वर्षीय बेटे प्रियांशु को शुक्रवार रात किसी जहरीले कीट ने काट दिया था। गांव के लोग शनिवार सुबह 7.30 बजे बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन अस्पताल के ताले नहीं खुले थे। लोगों ने डॉक्टरों और कर्मचारियों के आने का इंतजार किया, लेकिन उसी बीच करीब 10 बजे बच्चे ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। डॉक्टरों और कर्मचारी सुबह 10.30 बजे जैसे ही अस्पताल में पहुंचे तो उनको लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। लोगों ने बच्चे का शव अस्पताल के आंगन में रखकर कर्मचारियों को जमकर खरीखोटी सुनाई। लोगों ने आरोप लगाया कि बच्चे की मौत के लिए चिकित्साकर्मी जिम्मेदार हैं।

इस मामले की जानकारी मिलते ही सुबह 11.30 बजे सीएमओ बड़ावे पहुंचीं। उन्होंने स्वीकार किया कि अस्पताल का कोई कर्मचारी रात में अस्पताल नहीं रहता, जबकि अस्पताल में 11 कर्मचारी तैनात हैं। उन्होंने कहा कि यह गंभीर लापरवाही है और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में मौजूद ललित जोशी, दीवानी राम, विपिन जोशी, मनोज जोशी, जनार्दन जोशी, गिरीश जोशी, सागर, दीपक, आनंद बल्लभ, मोहन, सुभाष मेहता आदि ने कहा कि अस्पताल लंबे समय से अव्यवस्था का शिकार है। बार-बार कहने पर भी कोई कर्मचारी अस्पताल में न तो समय पर आता है और न रात में अस्पताल में कोई कर्मचारी रहता है। ऐसे अस्पताल का लोगों को कोई फायदा नहीं है। 
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