पिथौरागढ़। राष्ट्रीय खेलों के तहत पिथौरागढ़ स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित बॉक्सिंग में उत्तराखंड के मुक्केबाजों ने अपना जलवा कायम रखते हुए सोना जीतने की उम्मीद बढ़ा दी है। क्वार्टर फाइनल में जीते पांचों मुक्केबाजों ने अपने पंचों के प्रहार से विपक्षी को धराशायी कर फाइनल में प्रवेश किया। ये मुक्केबाज प्रदेश को स्वर्ण पदक दिलाने के लिए सिर्फ एक बाउट दूर हैं। अब तक के प्रदर्शन को देखते हुए सभी ने सोना जीतने की उम्मीद बढ़ा दी है।
बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय खेलों के तहत बॉक्सिंग के सेमीफाइनल मुकाबले खेले गए। महिला वर्ग में 24 तो पुरुष वर्ग में देश भर के 28 मुक्केबाज अपने पंचों का दम दिखाकर फाइनल में जगह पक्की करने के लिए रिंग में उतरे। 12 महिला और 14 मुक्केबाजों ने अपने पंचों के प्रहार से विपक्षी को धराशायी कर फाइनल में जगह पक्की की जबकि शेष 28 मुक्केबाजों का सफर यहीं पर खत्म हो गया और इन्हें रजत पदक पर संतोष करना पड़ेगा।
पहले की तरह ही सेमीफाइनल में भी उत्तराखंड के मुक्केबाजों का जलवा कायम रहा। क्वार्टर फाइनल जीतकर बुलंद हौसलों के साथ रिंग में उतरे सभी मुक्केबाजों ने अपने पंचों का दम दिखाकर मैदान मारते हुए फाइनल में जगह पक्की की है। 50 किलो भार वर्ग में प्रदेश की निवेदिता कार्की ने चंडीगढ़ की रितिका को 5-0 से करारी शिकस्त दी।
वहीं 66 किलो भार वर्ग में विपक्षी चंडीगढ़ की मन्नू निमावत के रिंग में न उतरने से उत्तराखंड की काजल को वाकओवर में विजेता घोषित किया गया। पुरुष वर्ग के 80 किलो भार वर्ग में प्रदेश के मुक्केबाज हिमांशु सोलंकी ने अपना दबदबा कायम रखते हुए राजस्थान के पुष्पेंद्र को 5-0 से हराकर मैदान मारा। 92 किलो भार वर्ग में कपिल पोखरिया के पंच हिमाचल के चेतन चौधरी पर भारी पड़े। कपिल ने एकतरफा मुकाबले में चेतन को 5-0 से हराया।
92 से अधिक किलो भार वर्ग में प्रदेश के कपिल पोखरिया के पंचों के आगे दिल्ली के मुक्केबाज विशाल कुमार टिक नहीं सके। नरेंद्र ने नाकआउट से कपिल का राष्ट्रीय खेलों का सफर खत्म किया। अब उत्तराखंड के ये सभी मुक्केबाज प्रदेश को सोना दिलाने के लिए रिंग में उतरेंगे। सभी स्वर्ण पदक से सिर्फ एक बाउट दूर हैं। आज फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। ऐसे में सभी मुक्केबाजों ने प्रदेश को सोना दिलाने की उम्मीद बढ़ा दी है।
-
बोले मुक्केबाज
प्रदेश को स्वर्ण पदक दिलाने का लक्ष्य लेकर रिंग में उतरीं। पूरे प्रदेशवासियों की शुभकामनाएं मेरे साथ हैं। फाइनल में बेहतर प्रदर्शन करुंगी। उम्मीद है मैं प्रदेश की आकांक्षाओं पर खरी उतरुंगी। - निवेदिता कार्की।
-
वह दिन आ गया है जब मेरा प्रदेश को सोना दिलाने का सपना साकार होने वाला है। इसके लिए जी-जान से मेहनत की है। उम्मीद है मैं अपने मकसद में कामयाब रहूंगी। - काजल।
-
मैंने प्रदेश के लिए हमेशा बेहतर खेलने का प्रयास किया है इसमें सफलता भी मिली है। निश्चित तौर पर आज का दिन मेरे लिए खास है। प्रदेश को सोना दिलाने का सपना साकार करने का मौका है। निश्चित तौर पर इसमें सफलता मिलेगी। - हिमांशु सोलंकी।
-
सोना जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाना ही लक्ष्य है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर यहां तक का सफर तय किया है। फाइनल के लिए कड़ी मेहनत की है। हर प्रदेशवासी की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक दूंगा। - कपिल पोखरिया।
- मेरे साथ पूरी टीम ने मेहनत की है। इसी का नतीजा है कि मैं फाइनल तक पहुंचा हूं। फाइनल जीतकर यह सफर खत्म करूंगा। रिंग में बेहतर प्रदर्शन का प्रयास रहेगा। - नरेंद्र।