डीडीहाट (पिथौरागढ़)। वर्ष 1972 से डीडीहाट जिला गठन की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के निर्णायक मोड़ पर पहुंचने की उम्मीद जगने लगी है। सीएम के नए जिलों के गठन को लेकर दिए गए बयान के बाद से डीडीहाट के लोगों में खुशी का माहौल है।
1962 में भारत चीन युद्ध के बाद से ही उत्तर प्रदेश सरकार पहाड़ों के सीमांत क्षेत्र में जिले का निर्माण करने का मन बना चुकी थी और तब से ही डीडीहाट को जिला बनाने की मांग धीरे-धीरे उठने लगी थी। पिथौरागढ़ जिले के गठन के बाद यह मांग ठंडे बस्ते में चली गई। वर्ष 1972 में सीमांत जिला निर्माण आंदोलन शुरू हुआ। 1992 तक इस मांग के पूरी नहीं होने पर डीडीहाट के लोगों ने डीडीहाट जिला बनाओ संघर्ष समिति का गठन कर आंदोलन शुरू कर दिया।
वर्ष 1992 से 1996 तक जिले की मांग का आंदोलन उग्र रूप ले चुका था। इस पर तत्कालीन सीएम मुलायम सिंह यादव ने डीडीहाट जिले के गठन को लेकर कौशिक समिति का गठन किया। समिति ने सीमांत क्षेत्र का भ्रमण कर एक साल में अपनी रिपोर्ट सरकार को पेश की जिसमें डीडीहाट को सीमांत जिले के सारे मानक पूरे करते हुए जिला बनाने की संस्तुति दी लेकिन उत्तराखंड राज्य आंदोलन के कारण सरकार ने जिला गठन का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डाल दिया।
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद 2005 में जिला गठन को लेकर 56 दिनों का आमरण अनशन डीडीहाट में किया गया लेकिन आंदोलन राजनीति की भेंट चढ़ गया। 15 अगस्त 2011 में तत्कालीन सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने डीडीहाट सहित रानीखेत, कोटद्वार और यमुनोत्री को जिला बनाने की घोषणा कर दी लेकिन अब तक यह घोषणा पूरी नहीं हो पाई है। इधर सीएम पुष्कर सिंह धामी के नए जिले के गठन को लेकर दिए गए बयान के बाद से एक बार फिर डीडीहाट को जिला बनाने की उम्मीद जगने लगी है।
डीडीहाट जिले की घोषणा पूर्व में भाजपा ने ही की थी और अब भाजपा ही इस जिले का निर्माण करेगी। हम मुख्यमंत्री के जिला गठन को लेकर की गई बात का स्वागत करते हैं।
- बिशन सिंह चुफाल, विधायक डीडीहाट।
15 अगस्त 2011 को भी डीडीहाट जिले के गठन की घोषणा भाजपा ने की थी जो पूरी तरह से कोरी साबित हुई। अब मुख्यमंत्री एक बार फिर नए जिलों के निर्माण की बात कर रहे हैं जो स्वागत योग्य है। भाजपा को पूर्व में घोषित जिलों को अस्तित्व में लाने का कार्य करना चाहिए।
-प्रदीप पाल, पूर्व प्रदेश सचिव कांग्रेस।
डीडीहाट जिले का गठन यहां के विकास के लिए आवश्यक है। 50 सालों से की जा रही मांग को अब सरकार को पूरा करके जिले को वास्तविक स्वरूप में लाना चाहिए।
-प्रकाश बोरा, डीडीहाट।
सीमांत जिले के रूप में डीडीहाट सबसे उपयुक्त और सीमांत तहसीलों के लिए सुविधाजनक है। सरकार को अब जिलों का गठन करके यहां के विकास पर फोकस करना चाहिए।
-दान सिंह कन्याल डीडीहाट।
डीडीहाट जिले का गठन डीडीहाट सहित सीमांत तहसीलों और कस्बों के लिए विकास के द्वार खोलेगा। जिला बनने के बाद यहां के व्यापार को गति प्रदान होगी।
-लवि कफलिया, उपाध्यक्ष व्यापार संघ डीडीहाट।
जिले का अपना एक अलग बजट होता है। इस बजट से कई मूलभूत सुविधाएं स्थानीय लोगों को मिलती हैं। डीडीहाट जिला सीमांत के लिए वरदान साबित होगा।
-प्रभात जोशी, डीडीहाट।
डीडीहाट जिले के गठन से होगा सीमांत क्षेत्र का विकास
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। किसी भी नए जिले के गठन के बाद उसका अपना अलग से बजट होता है। यदि डीडीहाट जिला बनता है तो डीडीहाट जिले को प्राथमिक तौर पर 50 से 100 करोड़ रुपये का अनुदान सरकार से मिल जाएगा जिससे जिले में आने वाले विभागों के भवन निर्माण के कार्य और कई कार्य होंगे। जिले का गठन होते ही उस जिले में 50 से अधिक विभाग कार्य करना शुरू कर देते हैं। एक जिले में 500 से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों की नियुक्ति होती है जो क्षेत्र के विकास में सहायक होते हैं। डीडीहाट जिले में मुनस्यारी और धारचूला तहसीलों के अंतरराष्ट्रीय सीमा पर होने के कारण केंद्र वित्त पोषित योजनाओं का सीधा लाभ मिलना शुरू होगा। संवाद