कूड़ा निस्तारण की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही नगर पालिका का कूड़ा वाहन घर-घर से कूड़ा उठाएगा। कूड़ा एकत्र करने के लिए वार्डवार रोटेशन तय किया जाएगा। नगर पालिका की बोर्ड बैठक में कूड़ा वाहन खरीद की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही मार्ग प्रकाश, मार्ग व्यवस्था समेत कई मदों में एक करोड़ दस लाख से अधिक का बजट पास हो गया है।
नगर पालिका क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण की समस्या को देखते हुए बोर्ड ने पूर्व में घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए वाहन का प्रस्ताव किया था, लेकिन बजट की कमी के चलते मामला लटका था। देहरादून के अलावा हल्द्वानी, रुद्रपुर, अल्मोड़ा समेत कई निकायों में यह प्रयोग सफलता से चल रहा है। शुक्रवार को आयोजित बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके तहत कोटेशन आमंत्रित करने के बाद वाहन की खरीद की जाएगी। कूड़ा वाहन रोजाना वार्डवार नगर पालिका क्षेत्र से आवाज देते हुए गुजरेगा। सफाई कर्मी घरों से कूड़ा एकत्र कर वाहन में डालेंगे। अब तक कूड़ा डालने के लिए वार्डों में चुनिंदा कंटेनर ही मौजूद हैं। लोगों को कूड़ा डालने के लिए घरों से काफी दूरी तय करनी पड़ती है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी खीमानंद जोशी ने बताया कि बोर्ड के दौरान 14वें वित्त के तहत 1.10 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव पास हुए हैं। इनमें स्वच्छता से लेकर मार्ग प्रकाश, मार्ग व्यवस्था, निर्माण आदि के प्रस्ताव शामिल हैं। बोर्ड में नगर पालिका अध्यक्ष जगत सिंह खाती समेत कई वार्डों के सभासद मौजूद थे।
लापरवाह सफाई कर्मी हटेंगे
पालिका बोर्ड की बैठक में नगर की सफाई व्यवस्था का मुद्दा पूरी तरह छाया रहा। कई सभासदों ने मोहल्ला स्वच्छता कर्मियों के कामकाज पर सवाल उठाए। बोर्ड में लापरवाह कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव भी पास किया गया। तय हुआ कि संतोषजनक काम न करने वाले कर्मियों को हटाकर नई भर्ती की जाएगी।
सिल्थाम से न्यू भाटकोट में जगमगाएंगी एलईडी
बोर्ड बैठक में सिल्थाम से न्यू भाटकोट तक एलईडी लाइट लगाने का प्रस्ताव भी पास हुआ है। इसके साथ ही जीजीआईसी से वरदायनी मंदिर तक स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। नगर पालिका क्षेत्र में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों के साथ ही चुनिंदा स्थानों पर हाईमास्ट लगाने का प्रस्ताव भी पास किया गया है।
सभासद सुबोध ने किया बहिष्कार
शिवालया वार्ड के सभासद सुबोध बिष्ट ने शुक्रवार को भी पालिका बोर्ड की बैठक का बहिष्कार किया। वह पहले भी कई बैठकों में शामिल नहीं हुए। उनका आरोप है कि पालिका हमेशा शिवालया वार्ड की उपेक्षा करती आई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पालिका को जितने भी पत्र दिए गए, उनका जवाब नहीं मिला।