पौष के प्रथम रविवार से परंपरा के अनुसार यहां कई स्थानों पर बैठकी होली शुरू हो गई है। पहले दिन भगवान गणेश की वंदना की जाती है। ‘गाइए गणपति गजवंदन, शंकर सुवन भवानी के नंदन’ की धुन के साथ भगवान गणेश को याद किया गया। उसके बाद भक्ति पर आधारित होली गीत प्रस्तुत किए गए। जिला मुख्यालय में सामाजिक संस्कृति संगठन ने कालसिन मंदिर में बैठकी होली का कार्यक्रम रखा, जिसमें संगठन अध्यक्ष नीरज जोशी, कौशल पांडे, पंकज उप्रेती, प्रशांत जोशी, गिरीश भट्ट, चारू जोशी आदि शामिल हुए।
बेड़ीनाग में निनाद संगीत विद्यालय में बैठकी होली का कार्यक्रम हुआ। प्रधानाचार्य राजेश पंत ने बताया कि हर साल पौष के प्रथम रविवार से बैठकी होली शुरू हो जाती है, जो पहले सप्ताह में एक दिन बाद में रोज होंगे। यह क्रम मुख्य होली शुरू होने तक चलता रहेगा। होलीगायकों ने राग काफी, कल्याण, जंगला काफी पर आधारित गीत पेश किए। इस मौके पर दीप पांडे, पंकज पांडे, मंजुल पंत, मनोज मिश्रा, विक्रम बाफिला आदि थे।