डीडीहाट (पिथौरागढ़)। क्षेत्र के 100 से अधिक गांवों में होली नहीं होती है। इन गांवों के लोग बुजुर्गों की परपंराओं को निभाते हुए होली से दूरी बनाते हैं।
तहसील के आदिचौरा, दूनाकोट, ननपापू, भनड़ा, सानदेव, नारायण नगर सहित 24 से अधिक गांवों में होली नहीं खेलने की परंपरा दशकों पुरानी है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में सातूं- आंठू का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इसी कारण उनके गांवों में होली का आयोजन नहीं होता है। वहीं कई गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने गांव में होली की शुरू करने का प्रयास किया था। वह मथुरा से चीर लेकर भी आए थे लेकिन उनकी चीर चोरी हो गई। उसके बाद होली नहीं हो पाई।
सातूं-आठूं मनाने वाले गांव हाट, धौलेत, सिटोली, मिर्थी में होली की भी धूम मची रहती है। डीडीहाट नगर के आसपास के मात्र तीन गांवों में ही होली का आयोजन होता है। ब्राह्मण बहुल गांवों में होली धूमधाम से होती है। संवाद