पिथौरागढ़। हिमाचल में बरसी आसमानी आफत से कुमाऊं का पर्यटन व्यवसाय भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कुमाऊं मंडल विकास निगम को पर्यटक आवास गृहों की बुकिंग नहीं मिल रही है। इससे निगम के आवास गृह भी सूने पड़े हैं।
हिमाचल में इस बार कुदरत के कहर ने पर्यटकों को भी भीतर तक हिला दिया है। पर्यटक पहाड़ों की सैर करने से डर रहे हैं। इस बार केएमवीएन की ओर से चार मई से आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा शुरू की गई। मानसून सीजन शुरू होने से पूर्व तक निगम के करीब 230 और निजी टूर आपरेटर के चार हजार से अधिक यात्रियों ने आदि कैलाश, ओम पर्वत के दर्शन किए। वर्तमान में मानसून की खराब स्थिति को देखते हुए पर्यटक हिमालयी क्षेत्र का रुख नहीं कर रहे हैं। इससे निगम के पर्यटक आवास गृह भी सूने पड़े हैं।
निगम के कुमाऊं में 45 पर्यटक आवास गृह पर्यटकों का इंतजार कर रहे हैं। निगम के एमडी डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि हिमाचल की आपदा का यहां काफी असर पड़ा है। देश के विभिन्न प्रांतों से आना वाला पर्यटक खराब मौसम को देखते हुए नहीं आ रहा है। निगम के आवास गृहों में भी इक्का-दुक्का पर्यटक ही हैं। पिथौरागढ़ टीआरसी के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि जिले के सभी 10 पर्यटक आवास गृह सूने पड़े हैं। पर्यटक बुकिंग रद्द करा रहे हैं। पिछले वर्षों तक इस समय बंगाली पर्यटक आना शुरू हो जाते थे। उन्होेंने उम्मीद जताई कि मौसम सही होने पर 15 सितंबर के बाद पर्यटकों की आवाजाही हो सकती है। संवाद
बाक्स
आदि कैलाश के लिए 22 यात्रियों ने ही कराई बुकिंग
पिथौरागढ़। मानसून थमने के बाद केएमवीएन की ओर से एक बार फिर से आदि कैलाश यात्रा शुरू की जाएगी। संभवत: 15 सितंबर के बाद यात्रा शुरू हो सकती है। निगम के प्रबंधक ललित मोहन तिवारी ने बताया कि अभी तक 22 यात्रियों ने ही आदि कैलाश यात्रा की बुकिंग कराई है। यात्रा उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी से पहले 15-20 नंवबर तक जारी रहेगी। संवाद