हिमालय की उच्च चोटियों पर मंगलवार सुबह फिर से हिमपात हुआ। मुनस्यारी में मंगलवार अपरान्ह चार बजे से करीब 25 मिनट तक ओले गिरे। इससे सब्जियों और फलों को नुकसान पहुंचा है। साथ ही कड़ाके की ठंड से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त है। वहीं, जिला मुख्यालय के साथ ही बेड़ीनाग, थल, मुवानी में भी शाम के समय हल्की बारिश हुई। पिथौरागढ़ में हल्की ओलावृष्टि भी हुई। बारिश के कारण यहां के तापमान में गिरावट आ गई है। इससे पहले सुबह 11 बजे तक घने कोहरे से सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। जिला मुख्यालय में मंगलवार का न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जो सोमवार की तुलना में 3 डिग्री कम था। मुनस्यारी का न्यूनतम तापमान मंगलवार को शून्य डिग्री पर पहुंच गया।
मुनस्यारी से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह पंचाचूली, हंसलिंग और राजरंभा की चोटियों पर फिर हिमपात हुआ। मुनस्यारी के पास कालामुनि, बेटुलीधार, नया बस्ती, नामिक, मिलम, रालम, खलियाटॉप में सोमवार को देर रात तक हिमपात होता रहा। दोपहर बाद घने बादल घिर आए और तेज हवा के साथ ओले गिरने लगे। ओलावृष्टि का असर मुनस्यारी नगर और आसपास के इलाकों में रहा। इस मौसम में बोई गई सब्जियों को ओलों की मार से काफी नुकसान पहुंचा है। इस समय आड़ू, पुलम के पेड़ों पर फूल आ रहे हैं। ओलावृष्टि से फूल गिर गए हैं। इस समय किसानों ने पालक, मेथी, राई, धनिया जैसी सब्जियां बो रखी हैं। बुरांश के फूलों को भी ओलों की मार से नुकसान पहुंचा है। गेहूं और मसूर की फसलों को भी ओलों की मार से कुछ स्थानों पर नुकसान हुआ है।
उधर, धारचूला तहसील में कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग लिपुलेख और नाभीढांग में हिमपात हुआ। ताजा बारिश और चोटियों पर हिमपात के कारण एक बार फिर से पूरा जिला कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा। घाटी वाले इलाकों में भी मंगलवार सुबह घना कोहरा रहा। कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग पर भारी हिमपात होने से इस बार यात्रा से पहले मार्ग की मरम्मत में लंबा समय लगेगा। अगले महीने कुमाऊं मंडल विकास निगम की टीम रास्ता और पड़ावों की स्थिति का जायजा लेने जाएगी।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-3.5 एमएम
गंगोलीहाट-4.2 एमएम
बेड़ीनाग-5.4 एमएम
डीडीहाट-3.0 एमएम
धारचूला-3.0 एमएम
मुनस्यारी-9.0 एमएम
सब्जी बीजों की बुआई करने लगे किसान
पिथौरागढ़। ताजा बारिश के बाद जमीन में पर्याप्त नमी होने से किसानों ने सब्जी बीजों का रोपण शुरू कर दिया है। इस समय लौकी, कद्दू, टमाटर, तोरई, मूली, धनिया, फ्रासबीन जैसे बीजों का रोपण किया जा रहा है। नमी मिलने से 15 दिन में बीज अंकुरित हो जाएंगे। उनको फिर दूसरी जगह रोपा जा सकता है। पौधों का रोपण होने पर समय पर सब्जी मिल जाएगी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने किसानों से अपील की है कि वह इस अवसर का फायदा उठाएं।