पिथौरागढ़/धारचूला। सीमांत जिले में रविवार को सुबह से ही बादल छाए रहने से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई। वहीं धारचूला और मुनस्यारी उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात और बारिश हुई।
पिछले एक हफ्ते से सीमांत जिले में मौसम अबूझ पहेली बना है। जिला मुख्यालय में सुबह से बादल छाए रहे। अस्कोट में दोपहर में झमाझम बारिश होने में ठंड बढ़ गई। कनालीछीना में भी बारिश हुई। गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, थल, डीडीहाट में भी बादल छाए रहे। धारचूला में दोपहर बाद बादलों की तेज गड़गड़ाहट के बीच बूंदाबांदी हुई। मुनस्यारी के हंसलिंग, राजरंभा और पंचाचूली के साथ ही धारचूला के दारमा, व्यास घाटी के गांवों में हल्की बर्फबारी और बारिश हुई। मध्य मार्च में मौसम के पलटी मारने से लोगों ने गर्म कपड़े एक बार फिर से निकाल लिए हैं।
नाचनी के बोरागांव में बज्रपात से भैंस मरी
नाचनी। रविवार प्रात: बोरागांव के बारातोली टोंक निवासी जैत सिंह के आंगन में बज्रपात होने से परिजन दहशत में आ गए। बज्रपात होते ही घर में धमाके के साथ बिजली की लाइन में आग लग गई। घर के आंगन में बंधी भैंस की बज्रपात से मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे राजस्व उप निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि आंगन में बज्रपात से गड्ढा हो गया। भैंस मृत मिली और घर की बिजली की फिटिंग जल गई। घर से 50 मीटर की दूरी पर स्थापित निजी कंपनी के मोबाइल टावर में भी खराबी आई है। टावर प्रभावित होने से मल्ला भैंसकोट, बासनी, चामी भैंसकोट, भैंसखाल आदि गांवों के मोबाइल फोन प्रभावित हुए है। राजस्व उप निरीक्षक ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। संवाद