ग्राम पंचायत बिछुल में एक मकान में पटा मलबा
- फोटो : अमर उजाला
कनालीछीना के सुवालेख क्षेत्र में रविवार सुबह छह बजे से हुई मूसलाधार बारिश से भारी तबाही मच गई। लोगों का कहना है कि यह बादल फटने जैसी घटना हुई। अलबत्ता आपदा प्रबंधन विभाग की टीम ने मौके का मुआयना करने के बाद बताया कि भारी बारिश के कारण यह नुकसान हुआ है।
कनालीछीना के ब्लॉक प्रमुख प्रशांत भंडारी राजस्व टीम और एसडीआरएफ की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बिछुल ग्राम पंचायत में चार मकान मलबे से पट गए हैं। इन परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट किया गया है। बिछुल गांव को जोड़ने वाले दो पैदल पुल बह गए हैं। इस कारण दो हजार की आबादी वाले इस गांव तक आवाजाही में दिक्कत आने लगी है। बारिश का कहर काफलगैर, कुरानी और धरमघर क्षेत्र में भी हुआ है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. आरएस राणा ने अपनी टीम के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। बताया गया कि रविवार सुबह छह बजे से इलाके में मूसलाधार बारिश हुई। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर पहाड़ियां दरक गई और मलबा गांव तक पहुंच गया। ब्लॉक प्रमुख ने बताया कि ग्राम पंचायत बिछुल में जगदीश राम, रामी चंद, टीका राम, श्यामू राम, उप प्रधान कलावती देवी, शंकर राम, हरि राम, राजेंद्र प्रसाद, कुंडल राम के मकानों में भारी मलबा घुसा है। राजेंद्र राम और जगत राम के मकानों को भी खतरा हो गया है। सभी खेत मलबे से पट गए हैं।
आवाजाही के लिए सड़क मार्ग और पैदल रास्ते बंद हो चुके हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने नुकसान की पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने प्रभावित इलाके का दौरा करने के बाद बताया कि कई परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। उनको अन्यत्र शिफ्ट किया जाना बहुत जरूरी है। गांव की पेयजल लाइन टूट गई हैं। डीएम एचसी सेमवाल ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम को क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़- 6 एमएम
गंगोलीहाट- 9 एमएम
बेड़ीनाग- 8 एमएम
डीडीहाट- 18 एमएम
धारचूला- 7 एमएम
मुनस्यारी- 0 एमएम