अस्कोट के गर्जिया गांव में टूटी हुई पेयजल लाइन
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गर्जिया गांव के लिए बनी पेयजल योजना भारी बारिश से ध्वस्त हो गई है। योजना के 100 मीटर हिस्से में पाइप बह गए हैं। स्रोत को भी नुकसान पहुंचा है। इस कारण गर्जिया गांव के 45 परिवारों के सामने गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है। जल निगम ने वर्ष 2009 में योजना का निर्माण करने के बाद उसे ग्राम पंचायत के हैंडओवर कर दिया था। साथ ही योजना की देखरेख की जिम्मेदारी भी ग्राम पंचायत को ही सौंप दी थी। अब गांव के लोगों के सामने मरम्मत के लिए धनराशि जुटाने की समस्या है। जल निगम ने स्वैप मोड में योजना का निर्माण किया था। ऐसी योजनाएं बाद में गांव के लोगों के अधीन आ जाती हैं।
ग्राम प्रधान नरेंद्र बसेड़ा ने बताया कि पांच दिन से योजना में पानी नहीं चल रहा है। 45 परिवारों को पानी की व्यवस्था प्राकृतिक स्रोतों से करनी पड़ रही है। उन्होंने विकासखंड कार्यालय को पेयजल योजना ध्वस्त होने की जानकारी दे दी है। कहा कि तत्काल योजना की मरम्मत न होने पर गांव के लोगों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा। ब्लॉक प्रमुख प्रशांत भंडारी ने कहा कि पेयजल योजना की मरम्मत के लिए धन जुटाने का प्रयास किया जाएगा। जल्द ही लोगों की समस्या हल हो जाएगी।
बारिश से अधिकांश शहरों में संकट समाप्त
पिथौरागढ़। बारिश से पानी के स्रोत रिचार्ज हो गए हैं और गर्मी के सीजन में पेयजल संकट झेलने वाले डीडीहाट, बेड़ीनाग शहर में इस समय पेयजल की सप्लाई सामान्य हो गई है। ताजा बारिश से स्रोत 70 फीसदी तक रिचार्ज हो गए हैं। अगस्त में स्रोत 100 फीसदी तक रिचार्ज हो जाएंगे। जल संस्थान डीडीहाट के ईई बिलाल यूनुस ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में पेयजल की कोई किल्लत नहीं है। जिला मुख्यालय में भी पेयजल सप्लाई की स्थिति में सुधार आया है। लोगों को इस समय पर्याप्त पानी मिल रहा है।
टूटी योजनाओं की मरम्मत में लगेगा समय
पिथौरागढ़। बारिश के दौरान टूटी पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए सरकार के पास आगणन भेजा गया है। अभी मरम्मत के लिए धन नहीं मिला है। धन मिलते ही इनमें काम शुरू हो जाएगा। वैसे बारिश का सीजन पूरा होने के बाद अक्तूबर से ही पेयजल योजनाओं की मरम्मत की जाती है। जल संस्थान डीडीहाट के ईई बिलाल यूनुस और पिथौरागढ़ के ईई आरके वर्मा के अनुसार डीएम के माध्यम से सरकार को नुकसान का प्रस्ताव भेजा जा चुका है।