पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में कार्य बहिष्कार करते हुए प्रदर्शन करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में पीआरडी जवान और अन्य से अभद्रता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई न होने नाराज स्वास्थ्यकर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। स्वास्थ्यकर्मियों के कार्य बहिष्कार से मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। कई मरीज बैरंग लौटे तो कई मरीजों ने निजी अस्पताल जाकर इलाज कराया।
बीते 24 अप्रैल को जिला अस्पताल में मरीज लेकर पहुंचे कुछ लोगों ने स्वास्थ्यकर्मियों से अभद्रता कर दी थी। विरोध करने पर सुरक्षा में तैनात पीआरडी जवान को बुरी तरह पीट दिया गया था। घटना में उसके कान का पर्दा फट गया। घायल पीआरडी जवान ने पुलिस में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। एक सप्ताह बाद भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों ने शनिवार को कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया।
उनके कार्य बहिष्कार से अस्पताल पहुंचे मरीजों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। दोपहर तक न इलाज न मिलने से कई मरीज निराश होकर घर लौटे तो कई मरीजों को निजी अस्पताल के चक्कर काटने पड़े। सूचना पर कोतवाल ललित मोहन जोशी अस्पताल पहुंचे और स्वास्थ्यकर्मियों को कार्रवाई का आश्वासन देकर समझाया लेकिन वे आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
कोतवाल ललित मोहन जोशी ने बताया कि आरोपियों की पहचान की जा चुकी है। मुख्य आरोपी सैन्यकर्मी वड्डा निवासी रविंद्र शर्मा के साथ तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। जल्द कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद स्वास्थ्यकर्मी काम पर लौटे जिससे मरीजों को राहत मिली।
पर्ची बनवाने के लिए लंबी लाइन में लगे रहे मरीज
जिला अस्पताल में हर रोज 600 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। शनिवार को भी बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचे। सुबह से ही वे काउंटर पर पर्ची कटवाने के लिए लाइन में लगे रहे। दोपहर तक पर्ची काउंटर के ताले नहीं खुले तो मरीजों को परेशान होना पड़ा। स्वास्थ्य कर्मियों के काम पर लौटने के बाद भी पर्ची काउंटर में भीड़ अधिक होने से गहमा-गहमी का माहौल रहा।