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सरकार और अधिकारियों की बुद्धि शुद्धि के लिए किया हवन

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नाचनी के सैंणरांथी में आमरण अनशन पर बैठे ग्रामीण। - फोटो : PITHORAGARH
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राजकीय इंटर कॉलेज सैंणराथी में प्रवक्ताओं और एलटी में शिक्षकों की तैनाती की मांग को लेकर तीन गांवों के लोगों का आमरण अनशन शनिवार को तीसर दिन भी जारी रहा। शनिवार को दो प्रवक्ताओं की तैनाती के आदेश लेकर पहुंचे एसडीएम भगत सिंह फोनिया की अनशन समाप्त करने की अपील आंदोलनकारियों ने ठुकरा दी। आंदोलनकारियों ने अनशन स्थल पर सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बुद्धि-शुद्धि के लिए हवन किया। आमरण अनशन पर बैठे 89 वर्षीय बुजुर्ग महेंद्र सिंह के स्वास्थ्य में काफी गिरावट आ गई है।
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शनिवार को सैंणराथी, बेड़ूमहर, किमखेत के लोग भी अनशन स्थल पर पहुंचे। लोगों में सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ काफी रोष था। शनिवार को उपजिलाधिकारी भगत सिंह फोनिया आंदोलनकारियों से वार्ता के लिए पहुंचे। उन्होंने सैंणराथी जीआईसी में भूगोल और राजनीति विज्ञान के प्रवक्ताओं की तैनाती का आदेश आंदोलनकारियों को दिखाया। आंदोलनकारी सभी नौ प्रवक्ता और एलटी में शिक्षकों की तैनाती पर अड़े रहे।
एसडीएम के जाने के बाद इन लोगों ने बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया। आमरण अनशन में संघर्ष समिति के अध्यक्ष कुंवर सिंह, 89 वर्षीय बुजुर्ग महेंद्र सिंह, हीरा सिंह, दुर्गा सिंह, धन सिंह, कुंवर राम, प्रह्लाद राम, धरम सिंह, पूरन सिंह बैठे हैं। 89 वर्षीय बुजुर्ग महेंद्र सिंह के स्वास्थ्य में काफी गिरावट आ गई है।
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आज मांग पूरी नहीं हुई तो जिला मुख्यालय कूच
नाचनी। आंदोलनरत सबकी संघर्ष समिति ने मुख्य शिक्षाधिकारी को भेजे ज्ञापन में चार अगस्त की शाम पांच बजे तक मांग पूरी न होने पर शाम सवा पांच बजे जिलाधिकारी कार्यालय पैदल कूच करने का एलान किया है। कहा है कि जिला मुख्यालय कूच में तीनों गांवों के ग्रामीण शामिल रहेंगे।
आंदोलन के समर्थन में जिला मुख्यालय में किया प्रदर्शन
पिथौरागढ़। सैंणराथी में शिक्षकों की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन की गूंज जिला मुख्यालय तक पहुंच गई है। विभिन्न संगठनों के लोगों और विद्यार्थियों ने डीएम कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। डीएम को सौंपे ज्ञापन में जीआईसी सैंणराथी में शिक्षकों की तैनाती की मांग की। ज्ञापन की प्रति विद्यालयी शिक्षा मंत्री को भी भेजी गई है। प्रदर्शन में छात्रसंघ अध्यक्ष राकेश जोशी, युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ऋषेंद्र महर, राजेंद्र मेहता, मुकेश सिंह मेहता, गुलशन मेहता, अजय कुमार, गोविंद मेहता, तुषार, उमा मेहता, भाग्यश्री, तारा, लछिमा आदि शामिल थे।
अतिथि शिक्षकों को बहाल करो
पिथौरागढ़। अतिथि शिक्षक संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कैलाश कोरंगा ने सैंणराथी में चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार ने मार्च 2018 से स्कूलों में तैनात अतिथि शिक्षकों को हटा दिया है। अतिथि शिक्षकों को हटाने से स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। सरकार को इससे कोई लेनादेना नहीं है। कहा है कि मार्च 2018 तक सैंणराथी जीआईसी में चार अतिथि प्रवक्ता और एक अतिथि शिक्षक एलटी में तैनात था। शिक्षण व्यवस्था बेहतर चल रही थी।
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