पिथौरागढ़। सीमांत धारचूला और मुनस्यारी विकासखंडों में निवासरत एक लाख से अधिक की आबादी के लिए 17 अस्पताल हैं। इन अस्पतालों में 20 चिकित्सकों के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। मरीजों को अधिकतर मामलों में जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ता है।
सीमा पर बसे धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्र की एक लाख से अधिक की आबादी को सीमा का प्रहरी माना जाता है। इन्हें स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ देने के लिए विभाग ने धारचूला में संयुक्त अस्पताल और मुनस्यारी में सीएचसी स्थापित की है। यहां 15 प्राथमिक अस्पताल भी खोले गए हैं। इनमें से कई अस्पतालों में लंबे समय से चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है।
अस्पतालों में सात विशेषज्ञ सहित 47 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष एक भी विशेषज्ञ की तैनाती अस्पतालों में नहीं है। यहां हर रोज बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। कई मामलों में उन्हें रेफर कर दिया जाता है। छह अस्पताल ऐसे हैं जहां मरीजों का इलाज करने वाला कोई नहीं है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खेला, पांगू, सोसा, दुम्मर, उछेती और क्वीटी में चिकित्सकों का एक-एक पद स्वीकृत हैं जो लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं।