मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार को मुनस्यारी महोत्सव में पहुंचकर जोहार की संस्कृति का जमकर आनंद उठाया। उनके स्वागत के लिए विशेष रूप से महोत्सव में लाए गए कनार के ढोल पर मुख्यमंत्री ने भी थाप दी। महोत्सव में भाग लेने वाले 22 महिला मंगल दलों के कलाकारों को मुख्यमंत्री ने नगद धनराशि और कंबल भेंट किया। मुख्यमंत्री शुक्रवार को मुनस्यारी में ही रुकेंगे। वह देर रात महोत्सव का विधिवत समापन कर शनिवार सुबह देहरादून को रवाना होंगे।
अपरान्ह 2.50 बजे मुनस्यारी पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से उतरकर लोनिवि गेस्टहाउस जाने के बजाए आईटीबीपी गेस्टहाउस चले गए। करीब आधा घंटा वहां रुकने के बाद जैसे ही वह महोत्सव स्थल जोहार क्लब मैदान में पहुंचे तो पहले से तैयार कनार के ढोल वादकों ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने वादकों से अपील की कि वह इस परंपरा को बनाए रखें और आने वाली पीढ़ी को भी ढोल बजाने के गुर सिखाएं। प्रदेश सरकार लोककला, लोक वाद्य और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में लगातार काम कर रही है। महोत्सव में ढुसका और चांचरी प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 22 महिला मंगल दलों को एक-एक हजार रुपए नगद और एक-एक कंबल दिए। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली महिला कलाकारों को दो-दो हजार रुपए की राशि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ की संस्कृति को जीवंत रखने में महिलाओं का प्रबल योगदान रहा है। आज पहाड़ पर जितनी भी परंपराएं जीवित हैं, उसका श्रेय महिलाओं को ही जाता है। मुख्यमंत्री ने इसी दौरान पूर्वसैनिकों और उनकी वीरांगनाओं का भी सम्मान किया। वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान जनजाति परिषद के उपाध्यक्ष कैलाश रावत, ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र रावत, नेत्र सिंह कुंवर, विधायक प्रतिनिधि हीरा सिंह चिराल, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मनोहर टोलिया, कुंदन बथियाल, ईश्वर कोरंगा, कैप्टन लक्ष्मण बोथियाल, डीएम डा. रंजीत सिन्हा, एसपी अजय जोशी, सीडीओ आशीष चौहान, एसडीएम आरके पांडे, डीडीओ गोपाल गिरी आदि मौजूद थे। संचालन लक्ष्मण पांगती, करन थापा, कैलाश कोरंगा ने किया।
मुख्यमंत्री ने तकली काती
मुनस्यारी में बुनकरी का काम परंपरागत रूप से किया जाता है। मुख्यमंत्री हरीश रावत इस काम से बेहद प्रभावित हुए और ऊन कातने वाली तकली को हाथ पर पकड़कर खुद भी उसे घुमाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उद्यम को बढ़ावा दिया जाएगा और बुनकरों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुनस्यारी में चहल-पहल बढ़ी
मुख्यमंत्री के दौरे और महोत्सव के कारण मुनस्यारी में चहल-पहल बढ़ गई है। कड़ाके की ठंड के बीच यहां पहुंचे अधिकारियों और कर्मचारियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। रात में यहां का न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। शाम होते ही ठिठुरन वाली ठंड शुरू हो रही है। नगर के सभी होटल, गेस्टहाउस फुल हो गए हैं।