पिथौरागढ़ की रामलीला में नाराज कैकेयी को समझाते दशरथ
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पिथौरागढ़ की रामलीला में राम राजतिलक की तैयारी के बीच भरत को राजगद्दी दिलाने के लिए रानी कैकई कोप भवन में जा बैठती है। रानी कैकई के वरदान सुनकर राजा दशरथ अधीर हो उठते हैं। गंगोलीहाट में परशुराम-लक्ष्मण संवाद, विवाह से लेकर मंथरा-कैकई संवाद तक की लीला हुई। थल की रामलीला में राम विवाह और दशरथ-कैकई संवाद तक की लीला हुई।
जिला मुख्यालय की रामलीला सदर और टकाना की रामलीला में चौथे दिवस की रामलीला की शुरुआत जनकपुरी से सीता की विदाई के साथ हुई। राजा जनक और महारानी सुनयना सीता को पतिव्रत धर्म की सीख देती हैं। अयोध्या में राम के राज्याभिषेक की तैयारी चल रही होती है कि कैकई की दासी मंथरा भरत को राजगद्दी दिलाने के लिए कैकई के कान भर देती है। पुत्र मोह में कैकई भरत को राजगद्दी दिलाने के लिए राजा दशरथ से देवासुर संग्राम में दिए गए दो वरदान मांगने का निर्णय ले लेती है और कोपभवन में जा बैठती है।
राजा दशरथ कैकई को मनाने का प्रयत्न करते हैं। कैकई देवासुर संग्राम में दिए गए दो वरदानों की याद दिलाते हुए कहती हैं-देहु पिया मोहे वह वरदाना। राजा दशरथ वर मांगने को कहते हैं तो कैकई राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत को राजगद्दी मांगती है। यह सुनकर राजा दशरथ व्याकुल हो उठते हैं। गंगोलीहाट की रामलीला में परशुराम और लक्ष्मण का रोचक संवाद हुआ। ढोल, नगाड़ों के साथ राम बारात निकली। राम राज्याभिषेक की तैयारियां चली होती हैं कि मंथरा भरत को राजगद्दी दिलाने के लिए कैकई को मनाने लगती है। मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी नवीन उपाध्याय थे। थल की रामलीला में राम विवाह का सुंदर मंचन किया गया। मंथरा के बहकावे में आकर रानी कैकई कोप भवन में जा बैठती है। कैकई और दशरथ संवाद ने लोगों का मन मोह लिया। मुख्य अतिथि खजान गुड्डू, विशिष्ट अतिथि जीआईसी के प्रधानाचार्य लक्ष्मी दत्त कापड़ी का दान सिंह बिष्ट, राम सिंह जंगपांगी ने स्वागत किया।
पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान
पिथौरागढ़। पुलिस ने दस दिनी अभियान के तहत मंगलवार को रामलीलाओं में भी जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक हिमांशु शाह के नेतृत्व में पुलिस दल ने टकाना की रामलीला में तो प्रभारी कोतवाली ध्यान सिंह के नेतृत्व में रामलीला सदर में यातायात नियमों की जानकारी दी गई और उनका पालन करने की अपील की गई।