डीडीहाट (पिथौरागढ़ )। पहाड़ में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की बात भले ही राजधानी में लग्जरी कमरों में बैठकर मंत्री और विभाग के अधिकारी देते रहते हैं लेकिन पहाड़ के अस्पताल सुविधाओं के अभाव में स्वयं ही बीमार होने की कगार पर पहुंच गए हैं। यही हाल डीडीहाट सीएचसी का भी है। अस्पताल में तीन दिन से न तो एक्स रे हो रहे है और न ही यहां पर हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं। मरीजों को हड्डी से जुडे़ मामलों के लिए पिथौरागढ़ दौड़ लगानी पड़ रही है। डीडीहाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 2002 में उत्तराखंड सरकार ने एफआरयू (फर्स्ट रेफरल सेंटर) बनाया। एफआरयू में सर्जन सहित हर विभाग के डाक्टरों के पदों की स्वीकृत दी गई। आज एफआरयू बने 21 साल हो चुके हैं। इसके बाद भी इस अस्पताल में एक भी आपरेशन नहीं हुआ है। अब हाल यह है कि तीन दिन से एक्स रे की फिल्म न होने से किसी भी मरीज का एक्स-रे भी नहीं हो पा रहा हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ के स्थानांतरण होने के बाद से हड्डी रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति सीएचसी में नहीं हुई है। इस कारण रोज आ रहे हड्डी के मरीजों को 50 किमी दूर पिथौरागढ़ के सरकारी और निजी अस्पतालों में अपना इलाज कराना पड़ रहा हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस मेहरा ने बताया कि एक्स-रे की फिल्म को शीध्र ही मंगाया जा रहा है। फिल्म उपलब्ध होते ही एक्स रे शुरू कर दिया जाएगा।