नाचनी (पिथौरागढ़)। शनिवार शाम और रविवार सुबह हुई भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी ने क्षेत्र में काफी तबाही मचाई है। हरड़िया नाले ने सुबह रामगंगा के प्रवाह को फिर से एक घंटे के लिए रोक दिया। इसके चलते वहां 500 मीटर लंबी झील बन गई।
थल-मुनस्यारी सड़क हरड़िया के नया बस्ती, नाचनी-बांसबगड़ सड़कें मलबा आने से बंद हो गई हैं। इससे हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, मुनस्यारी जाने वालों वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोनिवि के अवर अभियंता कृष्णा पिपलिया ने बताया कि हरड़िया में 12 घंटे बंद रही सड़क को रविवार सुबह 8 बजे खोला गया। बांसबगड़ समेत अन्य सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई हैं।
आंधी के दौरान पेड़ गिरने से तल्ला भैंसकोट गांव में एक आवासीय मकान और एक गौशाला को आंशिक क्षति पहुंची है। गांव की पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता जगत दसौनी ने बताया कि लीला देवी के आवासीय घर और गोवर्धन जोशी की गौशाला में पेड़ गिरने से दरारें आई हैं। ओलावृष्टि, आंधी-तूफान से किसानों के बाग, सब्जियों एवं धान की नर्सरियों को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रभावितों ने प्रशासन से निरीक्षण कर मुआवजा देने की गुहार लगाई है।
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तीस हजार की आबादी रही अंधेरे में
नाचनी। यूपीसीएल की 11 केवी लाइन के तार थल-नाचनी के बीच दो जगहों पर टूट गए। यूपीसीएल कर्मचारियों ने शनिवार रात आठ बजे नाचनी सब स्टेशन तक बिजली चालू कर दी। सब स्टेशन से जुड़े चार फीडर क्वीटी, बांसबगड़, नापड़, भैंसकोट, बागेश्वर जिले के महरगाडी क्षेत्र के 40 गांव अंधकार में रहे। इससे 30 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। यूपीसीएल के अवर अभियंता मुकेश सिंह ने बताया कि कई पोल उखड़ने के साथ लाइनों के तार टूट गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में चार टीम भेजी गई हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम तक बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। संवाद
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मदरमा में उड़ी छत, पीड़ित ने पड़ोस में ली शरण
बंगापानी । तहसील के ग्राम सभा मदरमा में अतिवृष्टि के चलते सुंदर सिंह पुत्र बहादुर सिंह का आवासीय भवन क्षतिग्रस्त होने से परिवार के लिए सिर छुपाने का आसरा ही छिन गया। परिवार को पड़ोसियों के घर में शरण लेनी पड़ी। आंधी इतनी भयावह थी कि पूरी छत ही पलट गई। घर का सामान, राशन, कपड़े भीग गए। बच्चों और बुजुर्गों ने जैसे-तैसे भाग कर जान बचाई। सुंदर सिंह ग्रिफ में मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। अब मकान ध्वस्त होने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से क्षति का आकलन कर मुवावजा देने की गुहार लगाई है। आंधी के दौरान जंगल में चरने गए कुछ पशु भी लापता बताए जा रहे हैं। संवाद
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पिथौरागढ़ में हुई झमाझम बारिश
पिथौरागढ़। रविवार तड़के जिला मुख्यालय समेत आसपास के क्षेत्रों में तेज गरज के साथ झमाझम बारिश हुई। आसमान में घने बादल छाने और चुभन भरी हवाएं चलने से लोगों को ठंड का सामना करना पड़ा। मई बीतने को है लेकिन अभी तक लोगों को गर्म कपड़ों से निजात नहीं मिली है। लोगों को ज्येष्ठ माह में भी स्वेटर, जैकेट पहननी पड़ रही है। दोपहर को गुनगुनी धूप खिलने से लोगों को ठंड से निजात मिली। संवाद