पिथौरागढ़ में नलों में पानी नहीं आने पर टैंकरों से पानी भरने को मजबूर लोग
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सरयू में आ रहे सिल्ट के चलते घाट पंपिंग योजना के प्लांट का उत्पादन घट गया है। इससे नगर के कई क्षेत्रों में पानी नहीं आया। 25 हजार से अधिक आबादी को बृहस्पतिवार को दिनभर पानी नहीं मिला। लोगों को नौलों, धारों, स्टैंडपोस्ट, हैंडपंप से पानी ढोना पड़ा।
बृहस्पतिवार को भी नदी के पानी में काफी सिल्ट आया। इससे घाट पंपिंग योजना का फिल्टर प्लांट हांफ गया। दिनभर कई बार पंप को बंद करना पड़ा। हर आठ घंटे में बैक वॉश के साथ प्लांट की सफाई करनी पड़ी। इससे पानी के फिल्टरेशन का काम प्रभावित हुआ। घाट पंपिंग योजना से रोजाना लगभग तीन एमएलडी पानी मिलता है। योजना के सिल्ट से प्रभावित होने से दो एमएलडी पानी ही मिल पाया। नगर के बैंक रोड, जीआईसी रोड, घंटाकरण, सिमलगैर, नगरपालिका, डिग्री कॉलेज, सरस्वती विहार, जवाहर कॉलोनी, जगदंबा कॉलोनी क्षेत्र पानी की समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे।
पहले से ही नगरवासियों को मांग की तुलना में 50 फीसदी पानी मिल पा रहा है। ऐसे में घाट पेयजल योजना का उत्पादन घटने से नगरवासियों की दिक्कत और बढ़ गई। इस बीच जल संस्थान ने प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से आपूर्ति की, लेकिन यह कोशिश नाकाफी साबित हुई। ईई विशाल कुमार का कहना है कि सिल्ट के चलते फिल्टरेशन का काम प्रभावित हुआ। बैक वॉश के लिए प्लांट को कई बार बंद करना पड़ा। इससे एक एमएलडी पानी कम मिला।
बजेटी में पेयजल आपूर्ति ठप
घाट योजना से पूरा पानी न मिलने से मुख्यालय से सटे गांव बजेटी में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। बृहस्पतिवार को बजेटी के घरों के नलों से दिनभर पानी की एक बूंद नहीं टपकी। हालांकि जल संस्थान ने गांव के स्टैंडपोस्टों पर आपूर्ति की। स्टैंडपोस्ट पर दिनभर पानी भरने वाले ग्रामीणों की कतार लगी रही। ईई विशाल कुमार का कहना है कि शुक्रवार से पेयजल आपूर्ति सुचारु हो जाएगी। इधर, मुख्यालय से सटे नेड़ा और बस्ते गांव में भी पेयजल समस्या सिर उठा रही है। जलस्रोतों में डिस्चार्ज की कमी से रोटेशन के आधार पर आपूर्ति की जा रही है। लोगों को तीसरे दिन पानी मिल रहा है। इससे उनकी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं।