पिथौरागढ़/मुनस्यारी/धारचूला/चंपावत/लोहाघाट/टनकपुर। मुनस्यारी के हंसलिंग, पंचाचूली, छिपलाकेदार, नाग्निधुरा, खलियाटॉप, कालामुनि, बेटुलीधार, बलांती समेत सभी चोटियों पर रविवार को बर्फबारी हुई। खलियाटॉप में शाम पांच बजे तक आधा फुट तक हिमपात हो चुका है, जबकि कालामुनि, बेटुलीधार, बलांती में लगभग डेढ़ इंच बर्फ गिरी। मुनस्यारी के मल्ला जोहार में स्थित मिलम, लास्पा, पांछू में लगभग तीन फुट तक बर्फ पड़ चुकी है। निचले इलाकों में बारिश हुई। नगर और कस्बों के बाजार पूरी तरह से सुनसान रहे।
रविवार सुबह दस बजे से हल्की बूंदाबांदी के साथ शुरू हुई बारिश का क्रम पूरे दिन जारी रहा। धारचूला की दारमा घाटी में 20 सेमी, जबकि चीन सीमा से सटे लिपुलेख में पांच फुट हिमपात हुआ। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार धारचूला की दारमा घाटी के 14 गांवों में और व्यास घाटी के सात गांवों में सुबह से लगातार बर्फबारी जारी रही। शाम पांच बजे तक दारमा घाटी के14 गांव में 20 सेंटीमीटर बर्फ और पंचाचूली ग्लेशियर में और पहाड़ों में पांच फुट से अधिक हिमपात हो चुका था। व्यास घाटी में छियालेख और गुंजी में अब तक 20 सेमी बर्फबारी हो चुकी है।
ज्योलीकांग, कुटी, कालापानी और लिपुलेख में 5 फुट से अधिक हिमपात होने की सूचना है। जिले के कनालीछीना, पीपली, अस्कोट, थल, मुवानी, डीडीहाट, धारचूला, मुनस्यारी, नाचनी, तेजम, क्वीटी, बंगापानी, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, गणाई गंगोली सहित सभी इलाकों में बारिश हुई। कस्बों में प्रशासन ने अलाव की व्यवस्था नहीं की है। इससे व्यापारियों को स्वयं ही ठंड से बचाव के लिए लकड़ियों की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
उधर, चंपावत में शीतकाल के दौरान रविवार को पहली बार बारिश हुई। शाम तक सिर्फ एक मिलीमीटर बारिश हुई, लेकिन बदले मौसम से ठंड में बेतहाशा इजाफा हुआ है। न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक रहा, जबकि अधिकतम तापमान 17 डिग्री रहा। चंपावत में रविवार को प्रशासन की ओर से अलाव नहीं जलाए जाने पर कुछ जगह लोगों ने अपने स्तर से आग का प्रबंध किया। टनकपुर में दिनभर मौसम करवट बदलता रहा। सुबह के वक्त हल्की बूंदाबांदी के साथ सर्द हवाओं से मौसम में ठंडक बढ़ गई। दोपहर में कभी धूप खिली तो कभी बादल छाए रहे। ठंड से बचने के लिए लोग जगह-जगह जले अलाव का सहारा लेते नजर आए।
आग नहीं, राख सेकते नजर आए मजदूर
बेड़ीनाग। उच्च हिमालयी क्षेत्र में हिमपात और बारिश से बेड़ीनाग में भी कड़ाके की ठंड रही। दिन भर लोग ठिठुरते नजर आए। सके बाद भी प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं की गई थी। बैंक के चौराहे के पास कुछ स्थानीय लोग और मजदूर ठंड से ठिठुरते नजर आए। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव नहीं राख सेंकते नजर आए। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी प्रवीण कुमार सक्सेना ने बताया कि अलाव शाम को जलाया जाएगा। लोगों का कहना है कि अलाव दिन में जलाया जाना चाहिए था।
धारचूला के दारमा घाटी के पंचाचूली ग्लेशियर बेस कैंप में हिमपात के दौरान अपने पालतू कुत्ते के साथ - फोटो : PITHORAGARH
दारमा घाटी पंचाचूली ग्लेशियर बेस कैंप में बर्फबारी का लुत्फ उठाती महिलाएं। संवाद- फोटो : PITHORAGARH