कैलास मानसरोवर यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव गुंजी में इस बार भी मई के अंत में अस्थायी थाना खुल जाएगा। भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कैलास यात्रा को देखते हुए थाना खोला जाता है। थाने में एक प्रभारी के साथ-साथ कम से कम 10 पुलिसकर्मी रहेंगे। उनके साथ वायरलेस टीम अनिवार्य रूप से रहेगी। वायरलेस से आधार कैंप धारचूला और जिला मुख्यालय तक महत्वपूर्ण सूचनाएं भेजी जाएंगी। कम से कम तीन कर्मचारी इंटेलीजेंस के भी तैनात होंगे।
जिला पुलिस के सूत्रों ने बताया कि एसपी रोशन लाल शर्मा गुंजी जाने वाले पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करने लगे हैं। यह सूची मई के मध्य तक फाइनल हो जाएगी। उसके बाद पुलिसकर्मियों को गुंजी जाने के आदेश हो जाएंगे। कैलास यात्रा मार्ग पर इस बार भी एसडीआरएफ की टीम तैनात रहेगी। एसपी ने बताया कि वर्ष 2015 की यात्रा के दौरान एसडीआरएफ ने बेहतरीन काम किया था और यात्रियों की मदद की थी। गुंजी पड़ाव समुद्र सतह से 3200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
नारायणआश्रम से गुंजी तक करीब 40 किलोमीटर का सफर पैदल करना पड़ता है। गुंजी में मौसम अपेक्षाकृत ज्यादा ठंडा रहता है। सर्दियों में वहां का तापमान शून्य से 10 डिग्री नीचे पहुंच जाता है, जबकि बारिश के सीजन में अधिकतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस से आगे नहीं बढ़ता। गुंजी एवं आसपास के इलाकों में प्री-मानसून की बारिश होती है। वहां पहुंचने के लिए कई स्थानों पर खतरनाक रास्ते और झरने हैं। पुलिस प्रशासन भी अपने स्तर से यात्रा की प्रारंभिक तैयारियों में जुट गया है।
इस माह के अंत में जाएगी लोनिवि की टीम
धारचूला (पिथौरागढ़)। कैलास मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग की स्थिति का जायजा लेने के लिए लोनिवि की टीम इस माह के अंत में जाएगी। नारायणआश्रम से लेकर गुंजी तक के पैदल रास्ते की देखरेख की जिम्मेदारी लोनिवि के पास है। डीएम एचसी सेमवाल ने एसडीएम एसके पांडे को निर्देश दिए हैं कि लोनिवि की टीम को रास्ते की स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजा जाए, ताकि समय पर रास्ते दुरुस्त किए जा सकें। कैलास यात्रा के साथ-साथ छोटा कैलास यात्रा भी चलती है। इसके अलावा भारत तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार भी शुरू होता है। सभी इसी पैदल रास्ते का उपयोग करते हैं।